पश्चिम देशों की तर्ज पर भारत में भी बनेगा शादी से पहले के समझौते का कानून !

नई दिल्ली (27 फरवरी): देश में तलाक के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक तीन तलाक के बिल को पास करवाने के बाद मोदी सरकार पश्चिमी देशों की तर्ज पर भारत में भी शादी से पहले समझौतों को कानूनी स्वीकृति देने की संभावना पर विचार कर रही है। 

इसमें दंपती विवाह नाकाम रहने की स्थिति में अपनी संपत्तियों के बंटवारे की शर्तें तय करते हैं। इस समझौते में अक्सर विवाह के बाद पति और पत्नी की जिम्मेदारियां भी शामिल होती हैं। जिम्मेदारियों में बर्तन कौन साफ करेगा और बच्चों को कौन स्कूल छोड़ेगा, इस तरह के कामों को शामिल किया जाता है।

महिला बाल विकास मंत्रालय के मुताबिक इसे समझौतों को कानूनी स्वीकृति मिलने से शादियों को बचाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही एनआरआई पतियों की ओर से छोड़ी गई महिलाओं को भी न्याय मिल सकेगा।