राष्ट्रीय जनप्रतिनिधि सम्मेलन में बोले PM मोदी, 'संसाधन नहीं मोटिवेशन की कमी'

नई दिल्ली (10 मार्च): पीएम मोदी ने शनिवार को संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सम्मेलन में शिरकत की। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कई बड़ी बातें कहीं। पीएम मोदी ने कहा कि आप सब सेंट्रल हॉल में एक कार्यक्रम में केवल नहीं है ये एक ऐसी जगह है जहां मैं पहली बार 2014 में आया। आप उसी जगह बैठे है जहां संविधान सभा पर चर्चा हुई है यहां कभी नेहरू पटेल आंबेडकर बैठे होंगे।  पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस वक्त विकास के लिए संसाधन की नहीं मोटिवेशन की जरूरत है। प्रत्येक राज्य में ऐसे कुछ जिले होते हैं जो विकास में काफी आगे होते हैं। उनसे सीख लेते हुए हमें पिछड़े जिलों पर काम करना होगा। पीएम मोदी शनिवार को संसद के सेंट्रल हाल में राष्ट्रीय जन प्रतिनिध सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में देशभर के सांसद और विधायक जुटे हुए हैं।

In every state there are a few districts where development parameters are strong. We can learn from them and work on weaker districts: PM Modi at National Legislators Conference in Parliament pic.twitter.com/2cieHejLzW

— ANI (@ANI) March 10, 2018

पीएम ने कहा कि हमारे  संविधान की विशेषता अधिकारों और कार्यों के बंटवारे के कारण नहीं है। देश में सदियों से बुराइयां घर कर गई थीं। मंथन से जो अमृत निकला उसे हमारे संविधान के अंदर जगह मिली वो बात थी सामाजिक न्याय की।

उन्होंने कहा कि कभी-कभी ऐसा भी लगता है कि सामाजिक न्याय का एक और भी दायरा है। कोई मुझे बताए, एक घर में बिजली है, बगल के घर में बिजली नहीं है, क्या सामाजिक न्याय की ये जिम्मेदारी नहीं बनती है कि दूसरे घर में भी बिजली होनी चाहिए।'

पीएम ने आगे कहा, 'एक जिला आगे है, दूसरा पीछे है, क्या सामाजिक न्याय की बात करने में ये बाध्यता नहीं है कि वो जिला भी बराबरी में आए। इसलिए सामाजिक न्याय का सिद्धांत हम सबको दायित्व के लिए प्रेरित करता है, हो सकता है देश जहां सबकी अपेक्षा होगी वहां, नहीं पहुंचा होगा पर राज्य में 5 जिले आगे पहुंचे हैं, तीन पीछे रह गए हैं, उन तीन को भी बराबरी पर लाया जा सकता है।'