INSIDE STORY: जानिए, क्यों महत्वपूर्ण है लाओस में पीएम #Modi और राष्ट्रपति #Obama की मुलाकात

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (8 सितंबर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच दोस्ती कितनी गहरी है। इसका पता इसी से चलता है कि दो सालों के दौरान दोनों नेता आठ बार मिल चुके हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ओबामा के बीच आठवीं मुलाकात आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान आज लाओस में हुई। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत का माहौल गर्मजोशी से भरा और सौहार्दपूर्ण रहा। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ओबामा के बीच यह मुलाकात अहम मानी जा रही है क्योंकि पीएम मोदी अतंराष्‍ट्रीय मंचों से आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घरने में लगे हैं। अमेरिका भी भारत के रूख से सहमत है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय दोनों ने हाल के दिनों में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के दौरान भी आतंकवाद का मुद्दा अहम था। साथ ही दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार बराक ओबामा ने जीएसटी समेत आर्थिक सुधारों के लिए मोदी सरकार के काम की सराहना की। वहीं पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्ररपति ओबामा को भारत आने का न्योता दिया है।

दोनों नेताओं के बीच क्या हुई चर्चा... - विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने इन दोनों नेताओं की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया। - हमारे युग की निर्णायक साझेदारी! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा से मिले। - भारत-अमेरिका के बीच परमाणु ऊर्जा सहयोग, सौर ऊर्जा और अन्वेषण के क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा की। - इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ओबामा से उनके कार्यकाल खत्म होने पर भारत आने को कहा।  - जिसके बाद ओबामा ने कहा कि वह मिशेल के साथ जरूरत भारत ताजमहल देखने आएंगे। - अमेरीकी राष्ट्रपति ने एशिया प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का स्वागत किया। - ‘राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों’ से निपटने के लिए वह क्षेत्र के दूसरे देशों के साथ मिल कर काम करें।  - ओबामा ने कहा कि भारत के साथ हमने हर क्षेत्र में संबंधों को नई ऊंचाइयां दी हैं। - एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हम भारत की बढ़ती भूमिका का स्वागत करते हैं। - बीते रविवार को चीन के हांगझाउ में जी-20 शिखर सम्मेलन में भी मिले थे दोनों नेता। - इस मुलाकात में ओबामा ने पीएम मोदी के अर्थिक सुधारों की जमकर तारीफ की। - एक मुश्किल वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में जीएसटी सुधार पर साहसिक नीतिगत कदम उठाने के लिए सराहा।

दो साल आठ मुलाकात...  सितंबर 2014, मोदी की अमेरिकी यात्रा: प्रधानमंत्री बनने के बाद अमेरिकी यात्रा पर पहली बार गए नरेंद्र मोदी की सितंबर 2014 में ओबामा की पहली मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा के मुद्दे को सुलझाने पर सहमति बनी। डब्लूटीओ में भारत की खाद्य सुरक्षा चिंता का ख्याल रखने का अमेरिका ने वादा किया। 

नवंबर 2014, ईस्ट एशिया समिट: म्यांमार में नवंबर 2014 में आयोजित ईस्ट एशिया समिट के दौरान मोदी और ओबामा की दूसरी मुलाकात हुई थी। ओबामा ने मोदी को कर्मयोगी (man of action) कहकर संबोधित किया था। इस मुलाकात में इन दोनों नेताओं ने एक बार फिर फूड सिक्यॉरिटी के मुद्दे पर चर्चा की, जिस पर भारत को अमेरिका का साथ मिला। 

नवंबर 2014, ऑस्ट्रेलिया जी-20 शिखर सम्मेलन: नवंबर 2014 में ही ऑस्ट्रेलिया में जी-20 शिखर सम्मेलन में मोदी और ओबामा से तीसरी मुलाकात हुई। मोदी की ओबामा साथ में सेल्फी खिंचवाते नजर आए।

जनवरी 2015, गणतंत्र दिवस समारोह में ओबामा शामिल: 26 जनवरी 2015 को भारत के 66वें गणतंत्र दिवस समारोह के बराक ओबामा भारत आए थे। इस दौरान दोनों की चौथी मुलाकात हुई थी। ओबामा कि इस 3 दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों में मील का पत्थर रहे असैन्य परमाणु करार के कार्यान्वयन पर पिछले 7 सालों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त करने के साथ ही मानव रहित आधुनिकतम विमान सहित कई महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों का मिलकर उत्पादन करने का फैसला लिया गया। 

सितंबर 2015, मोदी की अमेरिका यात्रा: नरेंद्र मोदी और ओबामा की 5वीं मुलाकात सिलिकन वैली में हुई थी। इस मुलाकात के दौरान ओबामा ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया था। इस दौरान दोस्ताना संबंधों को मजबूत करने के लिए पॉम्प, आधिकारिक डिनर और कई अन्य खास आयोजन भी किए जाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति स्टेट विजिट का इस्तेमाल कर अपने सहयोगी और मित्र राष्ट्रों को सम्मानित करते आए हैं। 

नवंबर 2015, पेरिस में जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन: नवंबर 2015 में पेरिस में आयोजित जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और ओबामा की छठी मुलाकात हुई थी। इसमें सोलर रिच नेशंस के अलायंस के गठन का ऐलान किया।

जून 2016, मोदी की अमेरिका यात्रा: मोदी और ओबामा की 7वीं मुलाकात व्हाइट हाउस में हुई थी। इसमें ओबामा ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत की एंट्री को आधिकारिक समर्थन दिया। वहीं, भारत में असैन्य क्षेत्र में बढ़ती उर्जा की मांग को देखते हुए अमेरिका की तरफ से भारत में 6 एपी रिएक्टर बनाने का काम शुरू करने पर सहमति मिली है। इस दौरान मोदी ने कैपिटल हिल में अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया।

सितंबर 2016, आसियान समिट: आसियान समिट में हिस्सा लेने लाओस पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मुलाकात गुरूवार को हुई। 

पीएम मोदी दो साल में चार बार अमेरिका गये, जून में बने स्टेट गेस्ट

अमेरिका (26- 30 Sept 2014 )      * दो दिनों में हुई शिखर वार्ता में दोनों देशों के बीच व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर सहमति बनी।      * अमेरिकी परमाणु कंपनियों के लिए भारत में निवेश के नए रास्ते खोलने और डब्ल्यूटीओ के व्यापार सुविधा समझौते पर आम सहमति बनी।      * इलाहाबाद, अजमेर और विशाखापट्टनम को स्मार्ट सिटी बनाने में अमेरिकी सहयोग से 100 स्मार्ट सिटी का लक्ष्य पूरा करना।      * आतंकवाद से निपटने के लिए दोनों देश एक दूसरे की मदद करेंगे।      * भारत पर्यावरण के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने के लिए राजी है, जिससे दोनों देश के बीच अहम आर्थिक रिश्तों की नींव रखी जाएगी।      * भारत ने खाद्य सुरक्षा पर अपनी चिंता जाहिर की और अमेरिका ने भी इस समस्या से उभरने में मदद पर सहमति जताई।      * भारत में प्रस्तावित डिफेंस यूनिवर्सिटी बनाने में अमेरिका करेगा मदद।      * अमेरिका-भारत ने रक्षा सहयोग के फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को 10 साल के लिए बढ़ाया।      * इंफ्रा प्रोजेक्ट पर दोनों देशों की कंपनियां मिलकर काम करेंगी।      * भारत में डिफेंस और आईटी सेक्टर में अमेरिका से बड़ा निवेश होगा। 

अमेरिका (6-8 June 2016)      * यूएन सुरक्षा परिषद में सुधार और उसमें भारत की स्थायी सदस्यता पर दोनों नेता सहमत हुए।     * ओबामा ने मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजीम (MTCR) में भारत की सदस्यता का स्वागत किय।     * ओबामा ने न्यूक्लियर सप्लाई ग्रुप में शामिल होने की भारत के इच्छा का भी स्वागत किया और कहा कि इस ग्रुप की सदस्यता के लिए भारत तैयार है।     * भारत में असैन्य क्षेत्र में बढ़ती उर्जा की मांग को देखते हुए, भारत में 6 एपी रिएक्टर बनाने का काम शुरू करने पर सहमति बनी।     * भारत सरकार के 175 गिगावाट के अक्षय उर्जा पैदा करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को मिलेगा अमरीका का समर्थन।     * अंतरिक्ष से धरती का अध्ययन, मंगल ग्रह में खोज अभियान और अंतरिक्ष के बारे में शिक्षा के मुद्दों पर दोनों देश सहयोग करेंगे।      * आतंकवादी खतरे के खिलाफ दोनों देशों में मिल कर काम करने और संयुक्त राष्ट्र के साथ मिल कर काम करने पर प्रतिबद्धता जताई।