कतर के शेख थनी से मिले PM मोदी, दी जन्मदिन की बधाई, देशों के बीच कई अहम समझौते

नई दिल्ली (5 जून): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के दूसरे पड़ाव में कतर पहुंचे हैं। दोहा के अमीरी दीवान में उन्हें बाकायदा पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री ने शेख तमीम बिन हमद अल थनी को जन्मदिन की बधाई दी। जिसके बाद उनके बीच बातचीत हुई। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले बिजनेस लीडर्स से मुलाकात के दौरान उन्होंने निवेश के लिए उन्हें न्यौता भी दिया। पीएम ने दोहा में बिजनेस लीडर्स के साथ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। मोदी ने कहा, "भारत अवसरों की धरती है। मैं आपको वहां आकर फायदा उठाने के लिए व्यक्तिगत तौर पर न्यौता देता हूं।"

इस मौके पर पीएम ने भारत-कतर बिजनेस में कतर के अमीरों के योगदान की सराहना की। मोदी ने कहा, "भारत के 80 करोड़ युवा हमारी ताकत हैं। बुनियादी ढ़ांचे में सुधार लाना और मैन्युफैक्चरिंग हमारी प्राथमिकता है।" अन्य योजनाओं के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "भारत स्मार्ट सिटीज, मेट्रो, अर्बन वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। जाहिर है, इससे लोगों की जिंदगी बदलेगी। आप लोग चाहें तो रेलवे, एग्रो प्रॉसेसिंग और सोलर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश कर सकते हैं।"

पीएम शनिवार रात कतर पहुंचने के बाद वर्कर्स मेडिकल कैम्प के प्रोग्राम में शरीक हुए। यह प्रोग्राम दोहा के मशरेब में रखा गया था। मोदी ने कहा, "भारत की अंतर्राष्ट्रीय छवि पीएम या एम्बेसडर से नहीं बनती। छवि बनती है आपके व्यवहार से। इसी के चलते भारत का नाम ऊंचा हो रहा है।" मोदी ने यहां वर्कर्स के साथ काफी वक्त बिताया। उनके साथ उन्हीं की टेबल पर बैठकर खाना खाया।

पीएम के भाषण की खास बातें

"कड़ी मेहनत कीजिए। लेकिन ऐसा करते समय अपने शरीर पर भी ध्यान दीजिए। खुद को फिट रखना जरूरी है।" "इसी ग्लोबल गुडविल के चलते भारत का इंटरनेशनल करंसी रिजर्व अभी तक का सबसे ज्यादा है।" "पिछले साल भारत आए कतर के शासक ने उनके मुल्क की तरक्की के लिए भारतीय कम्युनिटी की जमकर तारीफ की थी।" "मेरा यकीन है कि कतर की लीडरशिप यहां भारत के लोगों को बहुत प्यार देती है और उन पर भरोसा करती है।" "मुझे गल्फ कंट्रीज में रह रहे लोगों के सारे मुद्दों के बारे में जानकारी है। जब मैं उन लीडर्स से मिलूंगा तो उन्हें जरूर उठाऊंगा।" "अगर आप कोई रूल्स-रेग्युलेशन में बदलाव चाहते हैं तो इस बदलाव के लिए आपके साथ मिलकर काम करूंगा।"

गौरतलब है, कतर के शेख अब्दुल्लाह बिन नसीर अल थनी 2015 में भारत के दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने मोदी को न्योता दिया था।शेख भारत आने वाले कतर के पहले शासक थे। वहीं, भारत की तरफ से मोदी भी पिछले आठ साल में कतर जाने वाले पहले भारतीय पीएम हैं। इससे पहले 2008 में मनमोहन सिंह ने यहां का दौरा किया था।