चीन को रास नहीं आई पीएम मोदी की बढ़ती ताकत, कर डाली यह टिप्पणी

बीजिंग (30 अगस्त): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से बलूचिस्‍तान और पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) का मुद्दा उठाए जाने से पाकिस्तान के साथ-साथ चीन भी तिलमिला गया है। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए चीन की तरफ से कहा गया कि 'मोदी अपना सब्र खो चुके हैं और उन्‍होंने बैर के पूर्वानुमानित कट्टर लहजे को अपना लिया है।'

चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स की एक रिपोर्ट में ये बातें कही गईं और साथ ही मोदी पर यह आरोप भी लगाया गया कि वह बलूचिस्‍तान और पीओके का मामला इसलिए उठा रहे हैं ताकि कश्‍मीर के तनावपूर्ण माहौल से लोगों का ध्‍यान हटाया जा सके। 'मोदी के उकसावे वाली कार्रवाई से भारत पर बढ़ता खतरा' नाम की इस रिपोर्ट में कहा गया, 'भारत-पाकिस्‍तान के रिश्‍तों को फिर से जीवंत बनाने की अन‍िच्‍छुक कोशिशों के बाद, बतौर प्रधानमंत्री तीसरे साल में प्रवेश कर चुके नरेंद्र मोदी ने सब्र खो दिया है और उन्‍होंने बैर के पूर्वानुमानित कट्टर लहजे को अपना लिया है।'

पीओके के आतंकवाद से पीड़‍ित लोगों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने के मोदी सरकार के संभावित कदम को रिपोर्ट में उकसावे वाली कार्रवाई बताया गया और कहा गया, 'इससे भी ज्‍यादा अहम यह है कि पाकिस्‍तान की तरफ के कश्‍मीरी इस मुआवजे का दावा कर सकते हैं। सिर्फ यही उकसावे वाली कार्रवाई नहीं है। 15 अगस्‍त को स्‍वतंत्रता दिवस पर उनका (मोदी का) भाषण भी ऐसा ही एक कदम था।'