मोदी ने मिलाया इजरायल से हाथ, अब नहीं बचेंगा पाकिस्तान

नई दिल्ली (4 जुलाई): इजरायल दुनिया का एक ऐसा देश जो चारों तरफ से दुश्मनों से घिरा हुआ है। बावजूद इसके अगर इसकी ज़मी पर कोई नज़र भी उठाकर देख ले तो वो उसकी आंखें निकाल लेने की ताकत रखता है। इस देश की ताकत का लोहा पूरी दुनिया मानती है। इसलिए इसका नाम सुनते ही दुनिया के कई देशों के साथ ही आतंकी संगठन ISIS भी खौफ खाता है।


इजरायल का कुल क्षेत्रफल इतना है कि करीब तीन इजराइल को मिलाकर भी भारत के राज्य राजस्थान जितना बड़ा नहीं हो सकता। क्षेत्रफल के हिसाब से नेपाल से भी छोटा देश है इजरायल। इस देश की कुल आबादी महज 90 लाख है। इजरायल चारों तरफ से कट्टर इस्लामिक मुस्लिम देशों से घिरा हुआ है। फिर भी किसी मुस्लिम देश या ISIS की मजाल नहीं है कि वो इजराइल में घुसपैठ कर सके। इजरायल की सबसे बड़ी ताकत है उसका आधुनिक हथियार, जो इस छोटे से देश को दुनिया के सबसे ताकतवर देश में खड़ा करता है।


इजरायल ने भारत को मिसाइल, एंटी मिसाइल सिस्टम, यूएवी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, जैसी अहम तकनीक दी है। इजरायल भारत के लिए डिफेंस के लिहाज से बेहद अहम है। इजरायल ने चीन को अवाक्स सिस्टम बेचने से इनकार कर दिया, लेकिन भारत को यह सिस्टम दिया। इजरायल दुनिया मे उन्नत हथियारों का निर्यातक बन गया है जो कि लगभग हर साल 6.5 अरब हथियारों का निर्यात करता है। पिछले 25 सालों में इजरायल-भारत का अहम रक्षा सहयोगी बनकर उभरा है। आज की तारीख में भारत को हथियारों का ये तीसरा बड़ा सप्लायर है।


अप्रैल में इजरायल ने भारत के साथ दो अरब डॉलर का करार किया है, जिसके तहत वह भारत को मिसाइल रक्षा प्रणाली की आपूर्ति करेगा। यह मिसाइल प्रणाली 70 किमी के दायरे में एयरक्राफ्ट, मिसाइल और ड्रोन को तबाह कर देगी। इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने भारत के साथ 63 करोड़ डॉलर कीमत का एक बड़ा सौदा किया है। इस सौदे के तहत इजरायली कंपनी भारतीय नौसेना के चार पोतों के लिए लंबी दूरी की हवाई और मिसाइल रक्षा प्रणाली उपलब्ध कराएगी।


पीएम मोदी के दौरे से पहले ही अप्रैल 2017 में भारत ने इज़राइल की बराक मिसाइलों की खरीद की मंज़ूरी दे दी है। इसमें भारत इज़राइल से 860 करोड़ रुपये के सैन्य हथियार खरीदेगा। इसके अलावा भारत सैन्य सामानों की खरीद में इज़राइल को प्राथमिकता देता है। भारत ने इज़राइल से 8,356 स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल और 321 लॉन्चरों को 52.5 करोड़ डॉलर में खरीदने का भी फैसला किया है।

इतना ही नहीं भारत इजरायल से 2680 करोड़ रुपए की 10 हेरॉन टीपी यूएवी भी खरीद रहा है। वहीं पाकिस्तान

की सीमा पर बाड़ लगाने से जुड़ी तकनीक के लिए भी भारत इज़राइल से मदद ले रहा है और इस नई तकनीक

का आयात कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा से रक्षा सौदे में और भी बड़ी डील होने की उम्मीद

है।