सिंधू समझौते पर बैठक खत्म, पीएम मोदी का आदेश- भारत वो करेगा जो अबतक नहीं किया

नई दिल्ली (26 सितंबर): उरी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर तरह से पाकिस्तान को घेरने की कोशिश में लगे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने सिंधु जल समझौता को लेकर अधिकारियों संग बैठक की जो करीब 1 घंटे चली।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता की और अधिकारियों को आदेश दिए की वह वॉटर ट्रीटी में मिले अपने अधिकारों को बतौर डिप्लोमेसी उपयोग करे। इस बैठक में विदेश सचिव एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभालउ वाटर सेक्रेटरी, चैयरमेन वाटर कॉमिशन और प्रिंसिल सेक्रेट्री निपेंद्र मिश्रा मौजूद थे।

निकला यह नतीजा...

- पीएम हाउस में सिंधु नदी पर हुई बैठक में संधि के तहत पाकिस्तान को घेरने की रणनीति बन गई है। - वेस्टर्न 3 नदियों के पानी को स्टोर कर जम्मू-कश्मीर में 18 हजार मेगा वाट बिजली बन सकती है। - संधि के तहत 3.6 मिलियन एकड़ फ़ीट पानी रोक सकता है भारत। - इससे कश्मीर के 6 लाख एकड़ जमीन को खेती के लिए मिलेगा।

- ट्रीटी में भारत अपने अधिकारों को बतौर डिप्लोमेसी उपयोग करे।

- बीते 5 दशक से भी ज्यादा समय हो चुका इस वॉटर ट्रीटी की पुनः समीक्षा करना चाहता है। - इस वाटर ट्रीटी में मिले अपने अधिकारो का उपयोग भारत अभी तक नहीं करता रहा है। - अब सरकार को लगता है की इसे पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

आपको बता दें कि ट्रीटी के तहत आज तक भारत ने ये कदम नही उठाये थे, जिन्हे उरी अटैक के बाद उठाने पर भारत अब विचार कर रहा है।

इधर पाकिस्तान पहले से की किसन गंगा और रैटल हाइड्रो प्रोजेक्ट को लेकर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन कोर्ट नीदरलैंड में भारत के खिलाफ शिकायत कर चुका है।