चीन को जवाब, OBOR की तर्ज पर 'इंडो-अफ्रीकन कॉरिडोर' का प्लान

गांधीनगर (23 मई): ड्रैगन ना'पाक' पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत को परेशान करने का कोई मौका नहीं चुकता। इसी कड़ी में चीन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अपने महत्वकांक्षी 'वन बेल्ट, वन रोड' योजना को आगे बढ़ा रहा है। OBOR के जरिए हिंदुस्तान को घेरने की चीन की इस चालबाजी को समझते हुए भारत ने इस कॉरिडोर का हिस्सा नहीं बनने का फैसला किया। भारत के इस फैसले को अब चीन नहीं पचा पा रहा है। OBOR के जरिए चीन यूरोप एशिया भूभाग को हिंद-प्रशांत समुद्री मार्ग से जोड़ना चाहता है।

वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने गांधीनगर में अफ्रीकी विकास बैंक की 52वीं वार्षिक आम बैठक का उद्घाटन करते हुए जापान और भारत के समर्थन से 'इंडो-अफ्रीकन कॉरिडोर' पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की अफ्रीका के साथ भागीदारी सहयोग के मॉडल पर आधारित है। यह अफ्रीकी देशों की जरूरतों के मुताबिक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की पिछले दिनों उनके जापान दौरे के दौरान इस मुद्दे पर पीएम शिंजो अबे से भी बातचीत हुई थी और भारत-जापान ने अपने घोषणापत्र में एशिया-अफ्रीका विकास गलियारा को भी शामिल किया था और इसके लिए हमारे अफ्रीका के मित्रों के साथ आगे बातचीत का प्रस्ताव रखा गया था।