मोदी सरकार बनाने जा रही है ऐसी नीति, आएगी नौकरियों की बाढ़

नई दिल्ली(15 दिसंबर): आने वाल बजट में भारत की राष्ट्रीय रोजगार नीति का ऐलान हो सकता है। यह नीति विभिन्न सेक्टरों में नौकरियां पैदा करने की राह आसान करेगी। 

- 'इकोनॉमिक टाइम्स' के मुताबिक राष्ट्रीय रोजगार नीति में आर्थिक, सामाजिक और श्रम नीतियों शामिल होंगी जो जॉब क्रिएशन का रौड मैप तैयार करेगी। 

- इस नीति का मकसद नई नौकरियों पैदा न होने की स्थिति से निपटना है। रोजगार नीति के 2018-19 के बजट में घोषणा होने की संभावना है, जो मोदी सरकार का 2019 लोकसभा से पहले आखिरी पूर्ण बजट होगा। 

- एक अधिकाारिक सूत्र ने बताया कि रोजगार नीति में नौकरियां देने वालों के लिए इंसेन्टिव्स, इंटरप्राइजेज को आकर्षित करने के लिए सुधार के अलावा छोटे और मझोले उद्योगों को मदद की रूपरेखा होगी। 

- इस नीति से सरकार दो मुद्दों को साधना चाह रही है। पहला देश की वर्कफोर्स में हर साल जुड़ने वाले 1 करोड़ युवाओं को क्विलिटी जॉब उपलब्ध कराना और दूसरा यह सुनिश्चित कराना कि यह जॉब संगठित क्षेत्र में हो। अभी देश के 40 करोड़ वर्कफोर्स में केवल 10 प्रतिशत ही संगठित क्षेत्र में हैं। 

- सूत्र ने बताया, 'रोजगार नीति विभिन्न सेक्टरों में नई नौकरियां पैदा हों, यह सुनिश्चित करेगी। साथ ही कोशिश यह भी होगी कि नौकरियां संगठित क्षेत्र में पैदा हों जिससे लोगों को न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसे लाभ मिल सकें।'