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PM ने देश के पहले स्मार्ट हाईवे का किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी आज जहां दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उद्धाटन किया वहीं उन्होंने बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का भी उद्धघाटन किया।

नई दिल्ली (27 मई): प्रधानमंत्री मोदी आज जहां दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उद्धाटन किया वहीं उन्होंने बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का भी उद्धघाटन किया। इस मौके पर बागपत में सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ, हरियाणा के खुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत बीजेपी के कई बड़े नेता मौजूद थे।

ये पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे बेहद आधुनिक तकनीक से तैयार की गई है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे को बेहद खास तरीके से डिजायन किया गया है। ये एक्सप्रेस-वे इको फ्रेंडली होने के साथ ही हाईटेक सिक्य़ोरिटी सिस्टम से लैस है।ये पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे 6 शहरों को जोड़ेगा। 135 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे हरियाणा और यूपी के 6 शहरों को जोड़ने वाला रास्ता है। ये एक्सप्रेसवे सोनीपत के कुंडली, बागपत, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और पलवल को जोड़ता है। इस परियोजना की आधारशिला पांच नवंबर 2015 को रखी गई थी। इस एक्सप्रेस-वे को बनाने में 11 हजार करोड़ की लागत आई है। इसे तैयार करने में 11 लाख टन सीमेंट, एक लाख टन स्टील, 3.6 क्यूबिक मीटर अर्थवर्क और 1.2 क्यूबिक मीटर फ्लाइएश का इस्तेमाल किया गया है।ईस्टर्न परिफेरल एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीड की वजह से दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने की भी व्यवस्था की गई है। तय रफ्तार से ज्यादा वाहन चलाने पर आटो चालान की व्यवस्था है। हाइवे पर ओवर स्पीड में चलने वाले वाहनों की पिक्चर कैमरा कैद कर लेगा। इस पर दूरी के हिसाब से टोल लिया जाएगा। ईस्टर्न परिफेरल एक्सप्रेस-वे की एंट्री प्वाइंट कुंडली पर आइकोनिक टोल प्लाजा बनाया गया है।

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस की खासियतें...- ये सोलर पावर से लैस देश का पहला एक्सप्रेसवे है- इसमें 8 सोलर प्लांट बनाए गए हैं, जिनमें 4 हजार किलो वॉट बिजली पैदा होगी- 100% लाइट इसी से जलेंगी- हर 500 मीटर पर दोनों तरफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हैं- एक्सप्रेस-वे पर 2.5 लाख पौधे लगाए गए हैं-  ड्रिप से सिंचाई के इंतजाम भी हैं- वर्ल्ड क्लास सुरक्षा इंतजामों से लैस होगा- स्मार्ट एंड इंटेलिजेंट हाईवे मैनेजमेंट सिस्टम और वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं- एक्सप्रेस-वे पर 6 एंबुलेंस, 6 क्रेन और 6 मोबाइल वैन तैनात किए जाएंगे- एक्सप्रेस-वे पर 2.5 लाख पौधे लगाए गए हैं- ड्रिप से सिंचाई के इंतजाम भी हैं- साथ ही एक्सप्रेस वे पर 36 स्मारकों की प्रतिकृति लगाई गई हैं- कोशिश की गई है कि सड़क पर चलते वक्त सभी राज्यों की झलक दिखे- इसमें कुतुबमीनार, हवामहल, इंडिया गेट, लालकिला, चार मीनार, जलियांवाला बाग, अशोकचक्र, कीर्ति स्तंभ शामिल हैं- एक्सप्रेस-वे पर 40 फाउंटेन भी देखने को मिलेंगे

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