शांतिनिकेतन में असुविधा के लिए पीएम मोदी ने छात्रों से मांगी माफी

नई दिल्ली (25 मई): शांति निकेतन में विश्वभारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यहां किसी भी तरह की असुविधा के लिए मैं जिम्मेदार हूं। मैं यहां अतिथि के तौर पर नहीं आचार्य के तौर पर आया हूं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र ही इस देश का आचार्य है। 

बांग्ला में अपने संबोधन की शुरुआत करने के बाद उन्होंने कहा कि मैं चांसलर होने के नाते यहां हुई असुविधाओं के लिए क्षमा मांगता हूं। पीएम ने कहा कि जब वह आ रहे थे तो रास्ते में कुछ बच्चे इशारों में कह रहे थे कि यहां पीने का पानी भी नहीं है। मैं आप सबसे इसके लिए क्षमा मांगता हूं।  

पीएम ने कहा कि शायद यह पहला मौका है जब किसी दीक्षांत समारोह में 2 देशों के प्रधानमंत्री पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश एक दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं। शांति निकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पीएम के साथ बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी पहुंचीं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल और झारखंड के दौरे पर हैं।