Blog single photo

कंप्यूटर निगरानी: राहुल का पीएम पर हमला, सरकार बोली-UPA का ही कानून

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी करते हुए सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को कंप्यूटरों के डाटा जांचने का अधिकार दे दिया है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 के तहत यदि एजेंसियों को किसी भी संस्थान या व्यक्ति पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का शक होता है तो वे उनके कंप्यूटरों में मौजूद सामग्रियों को जांच सकती हैं और उन पर कार्रवाई कर सकती हैं।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 दिसंबर): केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी करते हुए सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को कंप्यूटरों के डाटा जांचने का अधिकार दे दिया है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 के तहत यदि एजेंसियों को किसी भी संस्थान या व्यक्ति पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का शक होता है तो वे उनके कंप्यूटरों में मौजूद सामग्रियों को जांच सकती हैं और उन पर कार्रवाई कर सकती हैं।

कंप्यूटर और अन्य संचार उपकरणों को 10 केंद्रीय एजेंसियों की निगरानी के दायरे में लाने संबंधी आदेश पर बीजेपी और कांग्रेस में वार-पलटवार शुरू हो गया है। केंद्र सरकार जहां इसे यूपीए के दौर का आदेश बताते हुए कह रही है कि इसमें कुछ भी नया नहीं है, वहीं राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र नरेंद्र मोदी को 'इनसिक्यॉर तानाशाह' करार दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम पर देश को पुलिस स्टेट में तब्दील करने का आरोप लगया है। इस बीच, इस विवाद में बीजेपी चीफ अमित शाह ने भी एंट्री की है और राहुल पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का बिना नाम लिए ट्वीट कर कहा कि भारत के इतिहास में दो ही इन्सिक्यॉर तानाशाह रहे हैं- एक ने देश में आपातकाल लगाया और दूसरे ने जबरदस्ती आम लोगों की चिट्ठियां पढ़ने की कोशिश की थी। उन्होंने राहुल पर देश की सुरक्षा के साथ राजनीति करने का आरोप लगाया।  शाह ने दो ट्वीट कर राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा है। शाह का इशारा 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लगाने और 1986 में उनके पुत्र तत्कालीन पीएम राजीव गांधी द्वारा लाए गए इंडियन पोस्ट ऑफिस (अमेंडमेंट) बिल की तरफ है। बता दें कि इंडियन पोस्ट ऑफिस (अमेंडमेंट) बिल के तहत सरकार को लोगों की निजी चिट्ठियों को भी देखने का अधिकार मिलना था। हालांकि, तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने इसे मंजूरी ही नहीं दी।  

एक अन्य ट्वीट में शाह ने निगरानी विवाद पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, 'यूपीए ने गैरकानूनी निगरानी पर कोई बैरियर नहीं लगाया था लेकिन जब मोदी सरकार आम नागरिकों के लिए सेफगार्ड ला रही है तो राहुल षडयंत्र का आरोप लगा रहे हैं। तुम इतना क्यों झुठला रहे हो, क्या डर है जिसको छुपा रहे हो!'

इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने इस मुद्दे को लेकर सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला था। उन्होंने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी पर भारत को एक पुलिस स्टेट में तब्दील करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम को तानाशाह बताते हुए कहा कि इससे साबित होता है कि पीएम खुद को कितना असुरक्षित महसूस करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा, 'मोदीजी, भारत को एक पुलिस स्टेट में तब्दील करने से आपकी समस्याएं हल नहीं होंगी। एक अरब भारतीयों के सामने सिर्फ यही साबित हो रहा है कि आप कितने इन्सिक्यॉर तानाशाह हैं।'

Tags :

NEXT STORY
Top