पीएम मोदी की पहल से बची नवजात बच्ची की जान

नई दिल्ली ( 7 मार्च ): प्रधानमंत्री मोदी की सूझ-बूझ से एक नवजात बच्ची की जान बच गई। बच्ची को जल्द से जल्द इलाज की जरूरत थी। अगर बच्ची समय पर अस्पताल नहीं पहुंचती तो उसकी जान को खतरा था। इस अस्पताल पहुंचने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की जरूरत थी। बच्चे कों परिजन ने ट्वीट कर पीएम मोदी से मदद मांगी थी। प्रधानमंत्री ने जैसे ही ट्वीट देखा, उन्होंने अपने ऑफिस को आदेश दिया और बीमार बच्ची के दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने से पहले दिल्ली पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर लिया।

खबरों के मुताबिक जिस वेंटिलेटर के साथ बच्ची को लाया गया था, उसकी बैटरी की क्षमता केवल सात मिनट ही बची थी, अगर थोड़ा समय और लगता तो बच्ची की जान को खतरा था। जानकारी के अनुसार असम के डिब्रूगढ़ में ध्रुव ज्योति कलिता के घर में बेटी पैदा हुई, लेकिन जन्म के साथ ही उसे फेफड़ों में परेशानी होने लगी। वहां उसका इलाज कर रहे डॉक्टर ने उसे तुरंत दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में ले जाने के लिए कहा, साथ में यह भी कहा कि अगर समय पर नहीं इलाज मिला तो बच्ची की जान को खतरा है।

इस बीच परिजनों ने बच्ची को एयर लिफ्ट कराकर दिल्ली लाने का फैसला किया और एयरपोर्ट से गंगाराम अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर के लिए दिल्ली पुलिस को ट्वीट कर मदद मांगी। परिजन ने यह ट्वीट पीएम को भी किया। यूपी में एक कार्यक्रम के दौरान जब पीएम ने ट्वीट देखा तो तुरंत अपने अधिकारियों को मदद का आदेश दिया।

बच्ची के परिजन ने बताया कि फ्यूल के लिए जब एयर एंबुलेंस लखनऊ में उतारा गया था उसी समय फोन आ गया कि पीएम के ऑर्डर के बाद ग्रीन कॉरिडोर तैयार है। चार मार्च को शाम सात बज कर 32 मिनट पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और केवल 14 मिनट में 13 किलोमीटर तय कर बच्ची को गंगाराम अस्पताल में ऐडमिट कर लिया गया।

डॉक्टर का कहना है कि केवल सात मिनट ही बैटरी बची थी, इसलिए ग्रीन कॉरिडोर बहुत ही जरूरी था। एक डॉक्टरों की टीम बच्ची का इलाज कर रही है। बच्ची के लंग्स में अभी भी प्रेशर है, लेकिन अब वह खतरे से बाहर है। परिवार ने पीएम का शुक्रिया अदा किया है।