प्रवासी भारतीय दिवस में बोले PM मोदी- हम पासपोर्ट का रंग नहीं देखते, खून का रिश्ता सोचते हैं

बेंगलुरु(8 जनवरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु में 14वें प्रवासी भारतीय दिवस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस को संबोधित करके खुशी महसूस हो रही है। ये एक ऐसा पर्व है जिसमें होस्ट भी आप हैं और गेस्ट भी आप ही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि प्रवासी भारतीय जहां रहे, उन्होंने उस धरती को कर्मभूमि बनाया। वो जहां रहे, वहां का विकास किया।

- इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि विदेशों में भारतीयों को केवल संख्या की वजह से नहीं जाना जता है बल्कि उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया जाता है। पीएम ने कहा कि मेरी सरकार और व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय की सहभागिता प्राथमिकता रही है।

- मोदी ने कहा कि आज आप उस कर्मभूमि की सफलताओं को उस भूमि में पधारे हैं जहां से आपके पूर्वजों को प्रेरणा मिलती रहती है। हजारों लाखों भाई बहनों, यूके, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, जापान, केन्या, मलेशिया और अन्य देशों रह कर भी भारत की तरक्की में सहयोग दे रहे हैं। प्रवासी भारतीय में देश के विकास के लिए अदम्य इच्छा शक्ति हैं। वो देश की प्रगति में सहयात्री हैं, हमारे विकास यात्रा में आप हमारे वैल्यूएबल पार्टनर हैं। कभी चर्चा होती है ब्रेन ड्रेन की। तब मैं लोगों को कहता था कि क्या बुद्धु लोग ही यहां बचे हैं। लेकिन आज मैं बड़े विश्वास के साथ कहना चाहता हूं कि वर्तमान सरकार ब्रेन ड्रेन को ब्रेन गेन में बदलना चाहते है। मैंने विदेशों में रह रहे भारतीयों की समस्याओं को तरजीह देने की सलाह दे रखी है। विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। हम पासपोर्ट का कलर नहीं देखते, खून का रिश्ता सोचते हैं।

- प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अप्रवासी भारतीय और भारतीय मूल के लोगों ने अपने चुने हुए क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दिया है। सुरक्षित जाएं, प्रशिक्षित जाएं, विश्वास के साथ जाएं। हमारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी ने सोशल मीडिया की मदद से विदेश में रह रहे व्यथित भारतीय की बहुत शीघ्र मदद करने का काम किया है। वो श्रमिक जो विदेशों में आर्थिक अवसरों की तलाश के लिए जा रहे हैं, उन्हें असुविधा न हो इसके लिए अधिकतम सरलीकरण सुनिश्चित करने का हमने प्रयास किया है।