FICCI के कार्यक्रम में PM मोदी ने मनमोहन सरकार पर किया हमला, बैंकों की दुर्दशा के लिए ठहराया जिम्मेदार

नई दिल्ली (13 दिसंबर):  दिल्ली में आयोजित FICCI के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जहां अपने सरकार के कामकाज की जमकर तारीफ की वहीं पूर्व की मनमोहन सिंह की सरकार पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने बैंकों पर दबाव डालकर उद्योगपतियों को लोन दिलवाए। उन्होंने इस दौरान फिक्की से पूछा कि क्या तब फिक्की ने उस सरकार को बैंकों में हो रहे इस घोटाले को लेकर कोई सुझाव नहीं दिया था। पीएम मोदी ने कहा कि सभी घोटालों में से बैंक से जुड़ा उनका सबसे बड़ा घोटाला था। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि लोग अफवहों पर ध्यान ना दें क्योंकि उनका बैंकों में रखा हुआ पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय लोगों की आकांक्षाएं जिस स्तर पर हैं, उन्हें पूरा करने की जरूरत है. लोग देश की आंतरिक बुराइयों भ्रष्टाचार और कालेधन से परेशान हो चुके हैं। उसे इनसे छुटकारा पाना है। इसलिए आज चाहे कोई राजनीतिक दल हो या फिक्की जैसा कोई संगठन  हो। इन्हें चाहिए कि वे अपनी भावी रणनीति को इसी हिसाब से बनाएं

साथ ही उन्होंने कहा कि आम आदमी को पिछले 60 साल के दौरान काफी परेशानियां झेलनी पड़ी थीं। उन्हें अपने छोटे-बड़े काम के लिए दर-दर भटकना पड़ता था। आम आदमी  को इससे निजात दिलाने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है, हम एक पारदर्शी माहौल तैयार कर रहे हैं।

PM मोदी की बड़ी बातें...

- पीएम मोदी ने फिक्‍की के 90 साल पूरा होने पर दी बधाई  - देश भ्रष्‍टाचार से परेशान हो चुका है

-देश को बुराइयों से मुक्ति पाना है

- 30 करोड़ से ज्यादा गरीबों के खाते खुले हैं

-हम पारदर्शी और जवाबदेह व्‍यवस्‍था के निर्माण में जुटे हैं

- स्वच्‍छ भारत मिशन के तहत 5 करोड़ शौचालय बनाए गए

- मैं गरीबी की दुनिया से निकल कर इस चकाचौंध वाली दुनिया में आया हूं

- दिल्‍ली की चमचमाती दुनिया से सुदूर गांवों की दुनिया बिल्‍कुल अलग है

- मुद्रा योजना के तहत पौने दस करोड़ लोगों को लोन दिया

- पिछली सरकार कुछ बड़े उद्योगपतियों की जरूरतों का ही ध्‍यान रखती थी

- पिछली सरकार ने बैंकिंग सेक्‍टर की दुर्दशा की थी

- पिछली सरकार के फैसलों से बैंकों का एनपीए बढ़ा

- यह सरकार बैंकों में लोगोंं के धन को सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रही है

- छोटे उद्य‍मियों का पैसा बड़ी कंपनियां अटकाए रखती हैं

- फिक्‍की छोटे उद्यमियों का अटका पैसा दिलाने में मदद कर सकता है

- बिल्‍डरों की मनमानी की खबर फिक्‍की ने क्‍यों नहीं पहुंचाई