नोटबंदी: 0.00011 लोगों के पास था देश का 33% कैश

नई दिल्ली (8 नवंबर): नोटबंदी को पूरा एक साल हो गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी के कई ऐसा फायदे गिनाए हैं, जिसके बाद नोटबंदी के फायदे और नुकसान की बहस पर कुछ विराम लग सकता है। नोटबंदी के फायदों के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो भी जारी किया।

प्रधानमंत्री ने बताया कि नोटबंदी से पता चला की मुठ्ठी भर लोगों के पास देश की एक तिहाई नकदी पड़ी हुई थी जो नोटबंदी के बाद बाहर आई। नोटबंदी के बाद देश की आबादी के 0.00011 फीसदी लोगों ने अर्थव्यवस्था में प्रचलित कुल कैश का 33 फीसदी हिस्सा जमा कराया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि कैश डिपॉजिट के 17.33 लाख मामले ऐसे हैं, जो कैश जमा करने वाले व्यक्ति की टैक्स देनदारी से मेल नहीं खाते हैं। 22.22 लाख संदिग्ध खाते ऐसे हैं, जिनमें 3.68 लाख करोड़ रुपए जमा हुआ है और उनकी जांच हो रही है।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि कि नोटबंदी से जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी में 75 फीसदी की कमी आई है और नक्सलवाद में 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। पीएम मोदी ने बताया कि नोटबंदी से कालेधन पर गहरी चोट पड़ी है। हवाला कारोबार करने वाले और शेल कंपनियों के जरिए कालेधन को ठिकाने लगाने वालों के चेहरे से पर्दा उठा है। उन्होंने यह भी बताया कि 2.24 लाख कंपनियों की रजिस्ट्रेशन रद्द की जा चुकी है। 35000 कंपनियां ऐसी पकड़ी गई हैं जिनके 58,000 खातों में नोटबंदी के बाद 17,000 करोड़ रुपए जमा किए गए और निकाले गए।

वेतनभोगियों और मजदूरों को फायदा प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि नोटबंदी से आम जनता को भी लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियों में काम करने वाले आम मजदूरों का वेतन अब सीधे उनके खातों में जा रहा है। 1.01 करोड़ नए कर्मचारिओं को EPFO के साथ जोड़ा गया है। 1.3 करोड़ मजदूरों को ESIC की सुविधा के साथ जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का एक साल पूरा होने के मौके पर इसके फायदों को लेकर अपने ट्विटर हेंडल से एक वीडियो जारी किया है।

Here are the benefits of demonetisation, encapsulated in this short film. Have a look. #AntiBlackMoneyDay pic.twitter.com/rPmGUYnTzI

— Narendra Modi (@narendramodi) November 8, 2017