मोदी ऐसे लगाएंगे पता, कहां पहुंची नए नोट की गड्डियां?

नई दिल्ली (13 दिसंबर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी की मुहिम ने जिस किसी ने पंचर करने की कोशिश की, उसे सरकार किसी कीमत पर छोड़ने वाली नहीं है। जारी हुई नई करेंसी का सीरीज नंबर पहले ही रिजर्व बैंक और करेंसी चेस्ट ने नोट कर लिया है। जिससे जांच एजेंसियां जब्त किए गए नए नोटों के सीरीज नंबर के आधार पर आसानी पता कर लेंगी कि गुलाबी नोटों की गड्डियां बैंक की किस ब्रांच से नियम-कायदों को ठेंगा दिखाते हुए निकाली गईं। इस खेल में बैंक का कौन-कौन कर्मचारी शामिल था।

प्रधानमंत्री नोदी ने पहले ही साफ कर दिया है कि नोटबंदी के मुजरिमों को पकड़ने के लिए तकनीक की मदद ली जाएगी, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। सरकार ने पहले से ही 2000 और 500 रुपये के नए नोट में ऐसा हिसाब लगाया है कि एक-एक नोट किसके पास गया, उसका पूरा हिसाब है। नए नोटों की जब्त की गई गड्डियों से ही जांच एजेंसी हर उस कड़ी तक पहुंचेंगी, जो कालेधन को सफेद करने के खेल में शामिल हैं।

अब आपको बताते है कि नए नोट से ब्लैकमनी को ह्वाइट करने वाले नटवरलाल कैसे बेनकाब होंगे...

- प्रिंटिंग प्रेस में नोट छपने के बाद उसे रिजर्व बैंक के 30 सेंटर में भेजा जाता है।

- रिजर्व बैंक के सेंटर से नोट को करंसी चेस्ट या ट्रेजरी को भेजा जाता है।

- बैंक शाखा की मांग के मुताबिक करेंसी पहुंचा दिया जाता है।

- प्रिंटिंग प्रेस से नोट के आम आदमी तक पहुंचने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

- मतलब, प्रिंटिंग प्रेस से रिजर्व बैंक के सेंटर, वहां से करेंसी चेस्ट और फिर बैंक की शाखाओं में पहुंचता है।

उसके बाद बैंक से लोगों को कैश मिलता है।

- बैंकों को पुराने नोट बदलने और वापस लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

- नए 2000 और 500 रुपये के नोट का पूरा हिसाब-किताब रिजर्व बैंक और करेंसी चेस्ट के पास मौजूद है।

- नए नोटों की सीरीज नंबर रिजर्व बैंक और करेंसी चेस्ट के पास मौजूद है

- सीरीज नंबर से जांच एजेंसियां हर उस कड़ी तक आसानी से पहुंच जाएंगी, जहां से गड़बड़ी हुई है।

- कालेधन को सफेद करने के खेल में शामिल बैंक कर्मचारियों की भी आसानी से पकड़ा जा सकेगा।

मतलब साफ है कि काले धन को सफेद करने की प्रकिया में शामिल छोटा से छोटा और बड़ा से बड़ा कोई शख्स जांच एजेंसियों की रडार से नहीं बच सकता।