नोटबंदी के एक साल पूरा होने के बाद अब बेनामी संपत्ति की बारी !

 

नई दिल्ली (6 नवंबर): नोटबंदी के एक साल पूरे होने जा रहे हैं। इस मौके पर जहां 8 नवंबर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियां काला दिवस मनाने की तैयारी में जुटी है। वहीं सरकार और उसकी सहयोगी पार्टियां 'ऐंटी ब्लैक मनी डे' मनाने का फैसला किया है। इन सबके बीच प्रधानमंत्री मोदी ने बताया जा रहा है कि नोटबंदी के एक साल बाद आगे की रणनीति किस तरह हो इस पर पीएम मोदी 8 नवंबर का बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

इस बारे में हाई लेवल मीटिंग का दौर जारी है और प्रधानमंत्री मोदी ने 10 नवंबर को केंद्रीय मंत्रियों की मीटिंग बुलाई गई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक भ्रष्टाटार के खिलाफ अगली जंग के बारे में डिटेल प्लान पेश किया जाएगा। 

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री मोदी अब बेनामी संपत्ति को अपना अगला निशाना बनाना चाहते हैं। दरअसल नोटबंदी के एक साल बाद सरकार करप्शन के खिलाफ जंग को जारी रखने का मजबूत संकेत देना चाहती है। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित अभियान में अगर मालिकाना हक के कानूनी सबूत नहीं मिले तो बेनामी संपत्तियों को सरकार अपने कब्जे में ले सकती है। इन बेनामी संपत्तियों को भी गरीबों के लिए किसी योजना से जोड़ा जाएगा जैसे ब्लैक मनी के लिए दोबारा लाई डिस्कलोजर स्कीम के तहत राशि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में डाली गई थी। सरकार को उम्मीद है कि बेनामी संपत्ति के खिलाफ प्रस्तावित अभियान में कई बड़े सफेदपोश नेताओं पर गाज भी गिर सकती है।