जश्न-ए-सरकार: 'जिन लोगों ने खाया है, उन्हें तकलीफ हो रही है, उन्हें होती रहे' : PM मोदी

नई दिल्ली (28 मई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरे होने के मौके पर इंडिया गेट पर आयोजित 'जरा मुस्कुरा दो' कार्यक्रम में संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने दो सालों के काम का लेखा जोखा जनता के सामने पेश किया। 

प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं उन लोगों के बारे में तो कुछ नहीं कह सकता, जिनका राजनीतिक तौर पर विरोध करना अनिवार्य है। लेकिन पिछले दिनों में लोगों ने देखा है कि एक तरफ विकासवाद है और दूसरी तरफ विरोध वाद। लेकिन जनता जनार्दन सब दूध का दूध और पानी का पानी करेगी।"

भाषण : खास बिंदु

'एक तरफ विकासवाद है दूसरी तरफ विरोधवाद है'

'देश को निराशा के गर्त में धकेलना दुर्भाग्यपूर्ण'

'मुद्दों के आधार पर काम का मूल्यांकन होना चाहिए'

'लोकतंत्र में विरोध स्वाभाविक है'

'जनता सत्य को नाप सकती है'

'काम की जांच करने से आत्मविश्वास बढ़ता है'

'किस दिशा में चले थे, वो सही है या नहीं?'

'काम का लेखा जोखा होना चाहिए'

'2 साल पहले देश ने हमें नई जिम्मेदारी दी'

'पहले के काम से तुलना होनी चाहिए'

'तुलना करने से परिवर्तन का पता चलेगा'

'बिना किसी दाग के कोयले का आवंटन हुआ'

'भ्रष्टाचार ने देश को दीमक की तरह खोखला किया'

'देश के सपने को चूर करने की ताकत भ्रष्टाचार में'

'गैस सब्सिडी में 15,000 करोड़ रुपए बचाए'

'एक करोड़ 62 लाख फर्जी राशन कार्ड का पता लगाया'

'हरियाणा में 6 लाख फर्जी केरोसीन लेने वालों को पकड़ा गया'

'लूट चलाने वालों को कैसी परेशानियां होती होंगी, ये देखने को मिल रहा है'

'मोदी ने भ्रष्टाचार खत्म किया तो गाली तो खाएगा ही'

''अभी तक 36 हजार करोड़ का भ्रष्टाचार रोका'

'200 रुपए में बिकने वाला LED बल्ब अब 50-60 रुपए में हो गया है'

'LED बल्बों से 20,000 मेगावॉट बिजली बचेगी'

'मुझे मीडिया से बातचीत करने के लिए लोग समझाते हैं'

'जिस देश का प्रधानमंत्री जनता को आग्रह करे कि गैस सब्सिडी छोड़ दो, तो 1 करोड़ 13 लाख लोगों ने अपनी गैस सब्सिडी छोड़ दी।'

'जन भागीदारी का सबसे अच्छा उदाहरण'

'गरीब के घर में जो मां चूल्हे पर खाना पकाती है.. 400 सिगरेट जितना धुंआ उस मां के शरीर में एक दिन में जाता है, इसलिए उन्हें गैस सिलिंडर देने का फैसला'

'5 करोड़ गरीब परिवारों को रसोई गैस पहुंचाने की योजना'

'जनता जनार्दन की ताकत के सामने अफसरशाही को रोकने के लिए कोशिश चालू'

'देश वासियों के भरोसे को पूरा करने की पूरी कोशिश की, मेहनत करने में कोई कमी नहीं की'

'टीम इंडिया की भावना से काम किया, राज्यों को जो़ड़ने की कोशिश की'

'जिन लोगों ने खाया है, उन्हें तकलीफ हो रही है, उन्हें होती रहे'