स्वीडन में भारतीय मूल के लोगों से बोले पीएम मोदी- भारत को ट्रांसफॉर्म करके रहेंगे

नई दिल्ली(18 अप्रैल): स्वीडन गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां भारतीय समुदाय को संबोधित किया। पीएम ने स्वीडन में कहा कि एक ही देश के हम लगों की भाषा या परिस्थितियां अलग हो सकती हैं लेकिन हम सबको भारतीय होने का गर्व है। पीएम ने वर्तमान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि भारत अब परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। पीएम ने कहा कि भारत में रिफॉर्म नहीं, ट्रांसफॉर्मेशन हो रहे हैं और हम भारत को ट्रांसफॉर्म करके रहेंगे।

उन्होंने स्वीडन में रहने वाले भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, 'हमारी भाषा, पहनावा या परिस्थितियां अलग हो सकती हैं लेकिन हम सभी को अपनी भारतीयता पर गर्व है। कहीं भी वंदे मातरम या भारत माता की जय का उद्घोष सुनाई पड़ता है तो हम सब खड़े हो जाते हैं। मैरी कॉम और साइना जैसी बेटियों की सफलता पर हम सबका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।' 

प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज भारत परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। सबका साथ सबका विकास के ध्येय के साथ चार साल पहले हमें अभूतपूर्व बहुमत मिला था और हमने इसके लिए भरसक प्रयास किया है। हमने भारत का सम्मान बढ़ाने में कोई कसर नहीं रखी है। चाहे योग दिवस हो, आयुर्वेद हो या प्रकृति के साथ विकास का दर्शन हो, आपका साथ भारत को विश्व में एक लीडर को तौर पर स्थापित कर रहा है।' 

प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व के साथ भारत के सहयोग पर जोर दिया और कहा, 'विश्व के सभी देश आज हमें एक विश्वसनीय साथी के रूप में देख रहे हैं। नेपाल में भूकंप से लेकर श्रीलंका में बाढ़ तक भारत मदद के लिए आगे आया। इतना ही नहीं यमन में युद्ध की आग से 4000 भारतीयों के साथ-साथ 20 हजार विदेशी भी भारत ने निकाले। वैश्विक मुद्दों पर भी भारत सहयोगी राष्ट्र के रूप में खड़ा है और यही कारण है कि मानवता आज भारत की ओर देखती है।' 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों पर बीते वर्षों में काम किया है और ग्रीन अर्थ के उद्देश्य के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा, 'तकनीकी क्षेत्र में पूरी दुनिया भारत का लोहा मानती है और हमरा स्पेस प्रोग्राम दुनिया के टॉप पांच स्पेस प्रोग्राम्स में से एक है। सैटलाइट प्रक्षेपण में हम दुनिया के उन देशों की भी सहायता कर रहे हैं जिनका अपना स्पेस प्रोग्राम नहीं है।' 

पीएम मोदी ने सरकार की उपलब्धता को लेकर कहा, 'भारत का सामान्य व्यक्ति भी सीधे सरकार से बात कर रहा है और सरकारी काम की जो तस्वीर आपके दिमाग में थी अब उसे बदला गया है। सरकारी दफ्तरों में फाइलें रोकने का काम खत्म करते हुए उन्हें निपटाया जा रहा है।' पीएम ने कहा, 'अब जैम (जेएएम) यानी कि जनधन का बैंक खाता, आधार से लिंकिंग और मोबाइल सिस्टम की मदद से लोगों का पैसा सीधे उनतक पहुंचाया जा रहा है। जैम की मदद से 83 हजार करोड़ रुपयों का गलत हाथों में जाने वाला धन बच गया है, ये पैसे देश के गरीबों के हैं।' 

पीएम ने कहा,'जीएसटी आने से टैक्स व्यवस्था बेहतर हुई है और देश के टैक्स बेस में बढ़ोत्तरी हुई है। इसके साथ ही भारत में अब व्यापार करना आसान हो गया है। उन्होंने कहा, 'पहले गरीबी हटाओ केवल नारा हुआ करता था, अब इम्पावरमेंट को गरीबी से निपटने का टूल बनाया गया है। साथ ही, उज्जवला योजना के तहत आठ करोड़ लोगों को 2020 तक गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य बनाया गया है और तीन करोड़ साठ लाख कनेक्शन दिए भी जा चुके हैं।' पीएम ने मुद्रा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मुद्रा जैसी माइक्रो फाइनेंस योजना के जरिए देश में 5.3 लाख करोड़ रुपये देश के छोटे कारोबारियों को दिए जा चुके हैं। इससे महिलाओं का सशक्तिकरण भी हुआ है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा जोर अब ईज ऑफ लिविंग पर है। उन्होंने कहा, 'हमने आयुष्मान भारत योजना शुरू की है जो दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। इसकी मदद से ईज ऑफ लिविंग पर जोर दिया जाएगा और इसका अभी पहला चरण ही लॉन्च किया गया है। इसके दो मुख्य फैक्टर हैं, देश में हेल्थ और वेलनेस सेंटर्स का जाल बिछाना और देश के गरीबों को पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा देना।' पीएम ने कहा कि यह रिफॉर्म नहीं ट्रांसफॉर्म इंडिया है और हम भारत को ट्रांसफॉर्म करके रहेंगे।