अब बेनामी संपत्ति वालों के होश उड़ाएंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली (25 दिसंबर): नोटबंदी से काले धन के कालिया बेहाल हुए है, तो अब बेनामी संपत्ति रखने वालों के भी बुरे दिन आने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल की आखिरी मन की बात में कहा कि अब बेनामी संपत्ति वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

मोदी ने मन की बात में कहा, ''आपको मालूम होगा हमारे देश में ‘बेनामी संपत्ति’ का एक कानून है। उन्नीस सौ अठास्सी में बना था, लेकिन कभी भी न उसके नियम बनें, उसको Notify नहीं किया, ऐसे ही वो ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। हमनें उसको निकाला है और बड़ा धार-दार ‘बेनामी संपत्ति’ का कानून बनाया है। आने वाले दिनों में वो कानून भी अपना काम करेगा। देशहित के लिए, जनहित के लिए, जो भी करना पड़े, ये हमारी प्राथमिकता है।''

क्या है बेनामी संपत्ति:

1988 के पहले यह स्थिति थी कि इस बेनामी संपत्ति का वास्तविक स्वामी वही व्यक्ति माना जाता था जिस ने उस संपत्ति को खरीदने के लिए धनराशि चुकाई हो। 1988 में भारतीय संसद ने बेनामी हस्तांतरण (निषेध) अधिनियम 1988 पारित किया। इस में यह प्रावधान रखा गया कि कोई भी व्यक्ति बेनामी हस्तांतरण में शामिल नहीं होगा तथा किसी संपत्ति को बेनामी बताकर स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति को उस का वास्तविक स्वामी बताते हुए कोई भी वाद, दावा या कार्यवाही नहीं कर सकेगा। इस तरह किसी भी संपत्ति को बेनामी बताते हुए दायर होने वाले मुकदमों का अदालत में प्रस्तुत किया जाना बंद हो गया। बेनामी हस्तांतरण को इस कानून के द्वारा दंडनीय अपराध बना दिया गया जिस में तीन वर्ष तक की कैद की सजा का प्रावधान है जो बिना जुर्माने या जुर्माने के साथ हो सकती है। दूसरी ओर बेनामी घोषित की गई संपत्ति को सरकार  द्वारा अपने कब्जे और स्वामित्व में  लेने का प्रावधान भी किया गया।