पाक सेना ने आतंकियों के साथ मिल कर की दरिंदगी

नई दिल्ली ( 4 मई ): सोमवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान ने एक बार फिर संघर्षविराम का उल्लंघन किया और फायरिंग की आड़ में भारतीय जवानों की पेट्रोलिंग टीम के दो जवानों की हत्या कर उनके शवों के साथ बर्बरता की थी। लेकिन पाकिस्तानी सेना इसमें हाथ होने से इंकार कर रही है। नायब सूबेदार परमजीत सिंह और हेड कांस्टेबल प्रेम सागर की नृशंस हत्या से भले ही पाकिस्तानी सेना इंकार कर रही है, लेकिन भारत के पास पक्के साक्ष्य हैं कि उन्होंने साजिश के तहत इसे अंजाम दिया है।


इन साक्ष्यों को विदेश सचिव एस जयशंकर ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित के सामने रखा। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बासित को बुलाकर सैनिकों की हत्या और शवों के साथ छेड़छाड़ पर भारत के गुस्से से अवगत कराया।


भारत ने मांग की है कि पाकिस्तान इन सुबूतों के आधार पर इस हमले में शामिल अपने सैनिकों और उनके मददगारों को सजा दे। भारत का मानना है कि पाक सेना ने आतंकियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है। हालांकि, पाकिस्तान के उच्चायुक्त ने इस आरोप से इंकार किया है।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि पाकिस्तानी उच्चायुक्त को बताया गया है कि यह घटना मानवता के सारे मानदंडों के खिलाफ है। साथ ही भारत इसे उकसावे की एक बड़ी घटना मान रहा है।


यह पूछे जाने पर कि भारत की तरफ से क्या सुबूत दिए गए हैं, तो बागले ने कहा, 'घटनास्थल पर खून के निशान और खून के पाक के हिस्से वाले नियंत्रण रेखा की तरफ जाना एक अहम सुबूत है। साथ ही जब घटना हुई उस समय पाक अधिकृत कश्मीर की तरफ से बड़े पैमाने पर गोलीबारी की गई है, ताकि भारतीय सैनिकों के अंग भंग करने आने वालों को कवर दिया जा सके।'