स्कूल कैंटीन से गायब होंगे पिज्जा, बर्गर

नई दिल्ली(23 अगस्त): स्कूल कैंटीनों से जल्द ही पिज्जा, बर्गर्स और एरिटेड ड्रिंक्स गायब होंगे। स्कूली बच्चों द्वारा जंक फूड के सेवन पर रोक लगाने के मकसद से फूड सेफ्टी रेग्युलटर उन प्रॉडक्ट्स की नेगेटिव लिस्ट तैयार कर रहा है। 

- इस लिस्ट में चिप्स, पिज्जा, बर्गर, रेडी टू ईट नूडल्स, ड्रिंक्स, पटैटो फ्राइज और मिठाइयों को शामिल किए जाने की संभावना है।

- फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के चीफ एग्जिक्युटिव पवन कुमार अग्रवाल ने बताया, 'नेगेटिव लिस्ट में वे फूड आइटम शामिल होंगी, जिनके नियमित सेवन से सेहत पर नेगेटिव असर पड़ता है और युवाओं के लिए ठीक नहीं है।'

- भारत में डायबीटीज के मरीजों की संख्या 2000 में 3.2 करोड़ थी जो 2013 दोगुनी बढ़कर 6.3 करोड़ हो गई। ऐसा अनुमान है कि यह संख्या अगले 15 सालों में करीब 10 करोड़ हो जाएगी।

- 2014 में दुनिया भर में पांच साल से कम उम्र के कम से कम 4.1 करोड़ बच्चों को मोटापे का शिकार पाए जाने का अनुमान था। 

- इस समस्या पर काबू करने के मकसद से ही यह कदम उठाया गया है। अक्टूबर में फूड रेग्युलेटर ने भारत में स्कूली बच्चों के बीच जंक फूड के सेवन पर रोक लगाने के मकसद से दिशानिर्देश जारी किया था, जिसमें स्कूलों में बच्चों के लिए पौष्टिक और सेहतमंद खाद्य सामग्री उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया गया था। उसमें स्कूल परिसर से 50 मीटर की दूरी के अंदर ऐसे फूड आइटम्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया गया था, जिसमें बड़ी मात्रा में फैट, नमक या शुगर पाई जाती है।