पाइरेटेड फिल्म देखी तो खानी पड़ सकती है जेल की हवा

नई दिल्ली (23 अगस्त):  फिल्मों की पाइरेटेड सीडी बनाने या उनको इंटरनेट पर डालने या पाइरेटेड वर्जन देखने पर जेल की सलाखों के पीछे जाना पड सकता है। कॉपीराइट ऐक्ट के अंतर्गत बॉम्बे हाईकोर्ट के ऑर्डर के बाद कई वेबसाइट्स के यूआरएल को ब्लॉक करने के आदेश दिये हैं।

इस आदेश के अंतर्गत कॉपीराइट के अधीन आने वाले किसी कॉन्टेंट की अवैध कॉपी को देखने, डाउनलोड करने, प्रदर्शन करने या उसकी डुप्लीकेट कॉपी बनाने वाले को तीन साल की जेल और तीन लाख रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है। जुलाई में बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म ढिशुम के निर्माताओं की याचिका पर 134 वेबलिंक और यूआरएल्स को ब्लॉक किया था। इन निर्माताओं ने कोर्ट पर याचिका दायर कर इस फिल्म की ऑनलाइन पाइरेसी रोकने की मांग की थी। उसी पर कोर्ट का यह आदेश आया है।