एयरलाइंस को देना होगा एक गल्ती पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली (24 सितंबर): नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने डीजीसीए को अधिकार दिया है कि यदि कोई एयरलाइन या पायलट एवियेशन रूल्स का उल्लंङन करता है तो उससे एक करोड़ रुपये की पैनाल्टी वसूली जाये। इसके अलावा उसका लाइसेंस निलंबन या रद्द करने का विकल्प भी शामिल होगा। सरकार ने एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 में संशोधन करते हुए कहा है कि मानवीय भूलों के कारण अक्सर यात्रियों की जान का जोखिम खड़ा हो जाता है। आगे से ऐसी किसी बी घटना की जांच के बाद अगर ये पाया गया है कि किसी भी दुर्घटना के एयरलाइंस का प्रबंधन या पायलट जिम्मेदार था तो उसको करोड़ रुपये की पैनल्टी भरनी ही होगी।