बड़े सीक्रेट का खुलासा, हर बार जरूरी नहीं होता- 'क्लाइमेक्स'!

नई दिल्ली (7 अगस्त): शादी के बाद शारीरिक संबंध बनाने को लेकर हर व्यक्ति उत्साहित रहता है। ये एक ऐसी जरूरी एक्टिविटी है जिसका नाम आते ही सब के दिलों में एक अलग ही तरंग आ जाती हैं। सेक्स की जितनी दिल से तारीफ करो उससे कही गुना अच्छी है सेक्स की परिभाषा। 

सेक्स संबंध बनाते वक्त महिलाएं किसी पुरुष से क्या चाहती हैं, यह हमेशा से ही रिसर्च का विषय रहा है। इसी मुद्दे पर ताजा रिसर्च के नतीजे सामने आए हैं। सेक्स से जुड़े इस विषय पर 700 से ज्यादा महिलाओं ने खुलकर अपने विचार व्यक्त किए।

प्यार के साथ शारीरिक संबंध बनाना हार्डकोर सेक्स नहीं है। अगर प्यार नहीं तो सेक्स में बिल्कुल भी मजा नहीं। ऐसा बड़ी संख्या में महिलाओं की राय रही। जी हां, दांपत्य जीवन में अगर दोनों में प्यार नहीं होगा तो उन दोनों में सेक्स का मजा भी विपरित होगा। कई बार देखा गया है कि दाम्पत्य जीवन को मधुर बनाने के लिए सेक्स की मिठास भरी जाती हैं।

इसके अलावा एक बेहद दिलचस्प बात ये रही, कि काफी संख्या में महिलाओं की राय थी कि जरूरी नहीं है की सेक्स करते वक्त हर बार चरम पर पहुंचा ही जाए। उन्होंने कहा, यह कोई जरूरी नहीं है। कई बार तनाव व थकान की वजह से ऐसा नहीं हो पाता। ऐसे में जबरन आधे घंटे तक ‘खेल’ जारी रखने की बजाए इसे खत्म करना बेहतर रहता है। चरम तक न ले जाने के लिए हर बार पुरुष ही जिम्मेदार नहीं होता। फिर भी अगर महिला चाहे, तो आप अपने हाथों और उंगलियों से उसे संतुष्ट कर सकते हैं।