शादी से पहले ही 'सब कुछ' जायज़ है यहां

नई दिल्ली (26 अप्रैल): शादी से पहले शरीरिक संबंध नाजायज़ माने जाते हैं, लेकिन एक जगह ऐसी भी है जहां शादी से पहले ही लड़के-लड़कियों को शारीरिक संबंध बनाना जायज़ है। यह किसी विदेश की बात नहीं बल्कि अपने भारत में ही।  छत्तीसगढ़ में बस्तर में एक ऐसी जनजाति है जहां शादी से पहले हनीमून की इजाजत दी जाती है। यह परंपरा गोंड जनजाति में प्रचलित है जिसे घोटुल कहा जाता है।

गोंड़ जनजाति के लोग छत्तीसगढ़ व झार में रहते हैं। इस परंपरा का मुख्य उद्देश्य है युवाओँ को सेक्स एजुकेशन देना और घर गृहस्थी सहित तमाम जिम्मेदारियों के बारे में शिक्षित करना है। इस परंपरा की शुरुआत लिंगो पने यानि कि लिंगो देव ने शुरु की थी। जिन्हें गोंड जनजाति का देवता माना जाता है।

इस परंपरा के तहत बस्ती के बाहर झोपड़ियां बनवायी जाती हैं जहां जवान लड़के-लडकियों को एक साथ रहना होता है। परंपरा के अंतर्गत लड़के को चेलिक और लड़की को ममोटियार कहा जाता है। इस परंपरा का सबसे बड़ा सकारात्मक परिणाम यह है कि इस जाति में बलात्कार की घटना आज तक नहीं हुई है।