'होली के बहाने महिलाओं का यौन शौषण'

नई दिल्ली (30 मार्च): जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी का कैंपस अब होली त्यौहार पर लगाये गये विवादित पोस्टर्स को लेकर चर्चा में है। पोस्टर्स में होली को महिला विरोधी त्यौहार बताया गया है। पोस्टर में कहा गया है इतिहास है कि इस त्यौहार के बहाने दलित महिलाओं का यौन शोषण किया जाता था। जेएनयू (परिसर) पहले ही अफजल गुरू की बरसी कार्यक्रम के लिये विवादित रहा है।

ये पोस्टर कैंपस के स्कूलों, खाने-पीने की जगहों और मार्केट में लगाये गये हैं। सोशल मीडिया पर भी ये पोस्टर शेयर किये जा रहे हैं। पोस्टर में लिखा है, ब्राह्मणवादी पितृसतात्मक भारत एक असुर बहुजन महिला होलिका को जलाने का जश्न क्यों मनाता है! होली में क्या पवित्रता है! इतिहास बताता है कि जश्न के नाम पर दलित महिलाओं का यौन शोषण किया जाता था। होली का त्योहार मनाना महिला विरोधी है। पोस्टर्स पर "फ्लेम्स ऑफ रेजिस्टेंस" ग्रुप का नाम है। जेएनयू छात्र संघ कार्यकर्ता ने कहा कि उन्होंने ऎसे किसी ग्रुप का नाम नहीं सुना। यह कोई नया ग्रुप लगता है।