हैदराबाद: दलित पीएचडी स्टूडेंट ने लगाई फांसी, केंद्रीय मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज

हैदराबाद(18 जनवरी): हैदराबाद की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एक पीएचडी स्कॉलर रोहित वेमुला (26) ने रविवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। ये छात्र आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले का रहने वाला था और सोशियोलॉजी में डॉक्टोरेट कर रहा था। छात्र की आत्महत्या के बाद यूनिर्सिटी में स्टूडेंट्स यूनियनों ने मोर्चा खोल दिया है। वहीं पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के खिलाप पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। 

फोटो में: केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय

छात्रों ने पुलिस से केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता बंडारू दत्तात्रेय के खिलाफ अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार कानून के तहत मामला दर्ज करने की मांग करते हुए आरोप लगाया था। छात्रों ने ये भी आरोप लगाया था कि मंत्री ने शोधार्थी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्री (एचआरडी) को पत्र भी लिखा था।

क्या है पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुदकुशी करने वाला रोहित उन 5 दलित स्टूडेंट्स में शामिल था, जिन्हें 12 दिन पहले यूनिवर्सिटी हॉस्टल से निकाला था। ये सभी अंबेडकर स्टूडेंट यूनियन से जुड़े थे। इनके समर्थन में 10 संगठनों ने रविवार को भूख हड़ताल की और सस्पेंशन वापस लेने की मांग की थी।

स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन्स का कहना है कि हॉस्टल से निकाले गए छात्र सामाजिक बहिष्कार के शिकार हैं। वहीं रोहित की मौत पर आज तेलंगाना में बंद बुलाया है। साइबराबाद पुलिस कमिश्नर सीवी आनंद ने बताया कि रोहित वेमुला का शव हॉस्‍टल के कमरे में पंखे से लटका मिला।