आम जनता को राहत? GST के दायरे में आया पेट्रोल और डीजल तो हो सकता है काफी सस्ता

नई दिल्ली (3 अगस्त): देश में व्यापार को आसान बनाने के लिए (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) जीएसटी को जमीन पर उतारने की कवायद चल रही है। राज्यसभा में जीएसटी बिल को पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक बड़ा बयान दिया है। जेटली ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के अंदर लाया जा सकता है।

वित्त मंत्री ने कहा है कि जीएसटी पर जो कमेटी बनेगी अगर वह इसकी सिफारिश करती है तो पेट्रालियम पदार्थों को इसके अंदर लाया जा सकता है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने कहा है कि जीएसटी का स्टैंडर्ड रेट 18 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो। हालांकि पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि पेट्रोलिय पदार्थों को जीएस से बाहर रखा जाएगा।

वित्त मंत्री का यह बयान इस मायने में बड़ा है कि अगर पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के अंदर लाया जाता है तो तेल की कीमतों में काफी कमी होगी। क्योंकि अभी तक देश का हर प्रदेश अपने अनुसार उसपर टैक्स लगाता है, जिससे पेट्रोल और डीजल सहित सभी पेट्रोलियम पदार्थों के दाम काफी ज्यादा हो जाते हैं।

जीएसटी पर जानकारी देते हुए वित्त मंत्री जेटली ने राज्यसभा में बताया कि पूरे देश में एक टैक्स की व्यवस्था होगी। हालांकि इससे मोबाइल बिल, क्रेडिट कार्ड बिल महंगे हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि जीएसटी काउंसिल में 2/3 वोटिंग पावर राज्यों के पास होगा और 1/3 हिस्सा केंद्र के अधिकार में होगा। इसलिए जीएसटी को जल्द से जल्द पास किया जाना चाहिए।