आने वाले समय में इतिहास में दर्ज हो जाएगी पेट्रोल और डीजल की कारें

नई दिल्ली (6 नवंबर): आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कारें इतिहास में दर्ज होकर रह जाएगी। पेट्रोल-डीजल के कम होते श्रोत और प्रदूषण को देखते हुए ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, नार्वे, आस्ट्रिया, भारत समेत दुनिया के कई देश अपने यहां इलेक्ट्रिक कार को बढ़ावा दे रही है। ये देश पेट्रोल-डीजल की कारों की जगह इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों के निर्माण और इस्तेमाल पर जोर दे रही है।

- ब्रिटेन ने 2040 से पेट्रोल-डीजल की कारों की ब्रिकी पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने और 2050 तक इसके इस्तेमाल पर तरह से रोक लगाने का ऐलान किया है।

- फ्रांस ने 2040 तक पूरी तरह से डीजल और गैसोलीन कारों को बंद करने का ऐलान किया है। फ्रांस ने अब इलेक्ट्रिक कारों को प्रमोट करने का फैसला किया है।

- नीदरलैंड ने भी 2025 तक पूरी तरह से पेट्रोल-डीजल की कारों को बंद करने का निर्णय लियाहै।

- जर्मनी ने 2030 तक पेट्रोल-डीजल की कारों की बिक्री बंद करने का फैसला किया है।

- नार्वे ने 2025 तक पेट्रोल-डीजल की कारों को बंद करने का ऐलान किया है।

- भारत ने 2030 तक अपनी सभी कारों को इलेक्ट्रिक कारों में बदलने का ऐलान फैसला किया है।