जर्मनी ने प्रथम विश्‍व युद्ध में पहली बार इस्तेमाल किया था खतरनाक PETN

नई दिल्ली(14 जुलाई): यूपी विधानसभा के चालू सत्र के दौरान सदन में बुधवार को पीईटीएन नाम के विस्फोटक मिलने से हड़कंप मच गया। इसे प्लास्टिक विस्फोटक के नाम से भी जाना जाता है। यह दुनिया के पांच सबसे खतरनाक विस्फोटकों में माना जाता है। जब इसको किसी प्‍लास्टिसाइजर के साथ मिलाया जाता है तो यह बेहद खतरनाक प्‍लास्टिक विस्‍टोफक बन जाता है।

PETN

- इस विस्‍फोटक का पूरा रासायनिक नाम पेंटाइरीथ्रीटोल टेट्रानाइट्रेट (PETN) है. सफेद रंग के पाउडर की शक्‍ल का यह विस्‍फोटक पेंटाइरीथ्रोटल का नाइट्रेट ईस्‍टर है। इसका उत्‍पादन 1912 में शुरू हुआ और प्रथम विश्‍व युद्ध में जर्मन सेना ने पहली बार इसका इस्‍तेमाल किया।

- 2001 में अलकायदा के सदस्‍य रिचर्ड रीड ने अपने जूते के तले में इसको छिपाकर पेरिस से मियामी जा रहे अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 63 को उड़ाने का असफल प्रयास किया था। इस वजह से उसको 'शू बॉम्‍बर' भी कहा जाता है।

- इसी तरह 2009 में नाइजीरियाई मूल के अलकायदा सदस्‍य उमर फारुक अब्‍दुलमुतालब के अंडरवियर में इसको पाया गया। वह भी इसके जरिये डेट्राइट से एम्‍सटर्डम जाने वाले फ्लाइट को उड़ाने की फिराक में था। दरअसल इस विस्‍फोटक की सबसे बड़ी खासियत यही मानी जाती है कि इसको आसानी से पहचाना नहीं जा सकता। विस्‍फोटकों को सूंघने की क्षमता रखने वाले खोजी कुत्‍ते भी इसकी उपस्थिति का आसानी से पता नहीं लगा सकते।