ढाई हजार साल पुरानी मॉनेस्ट्री में पहली बार देखी बिजली तो लोगों का हो गया ये हाल...

नई दिल्ली(8 अगस्त): लेह-लद्दाख में जंस्कार वैली में ढाई हजार साल पुरानी फुकतल गॉन्पा मॉनेस्ट्री है। यहां पहली बार बिजली का बिजली का बल्व जलने के बाद खुशी के मारे लोगों के आंसू नहीं थम रहे थे। पहली बार बल्ब देखकर कुछ लोग रोने लगे तो कुछ पूजा करने लगे। वहीं, कुछ ने पूछा कि इसमें तेल कहां से आ रहा है। यहां के लोगों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। वह रोशनी के हर पल का एहसास लेना चाहते थे।

शायद इसलिए जब मॉनेस्ट्री रोशनी से जगमगा उठी तो पहले दिन लोग लाइट जलाकर सोये, क्योंकि वह इस बात से डर रहे थे कि क्या पता लाइट बंद कर दी तो दोबारा जले या जले। अंधेरे में डूबी इस मॉनेस्ट्री में उजाले की पहल ग्लोबल हिमालयन एक्सपीडिशन (जीएचई) ने यहां सोलर माइक्रो-ग्रिड्स लगा कर की।  एलईडी लाइट्स लगने के बाद वहां लोगों ने जमकर सेलिब्रेशन किया। पारस लूंबा नामके शख्स ग्लोबल हिमालयन एक्सपीडिशन (जीएचई) के संस्थापक हैं। उन्होंने बताया कि इस मॉनेस्ट्री को रोशन करने का एक्सपीडिशन 12 दिन का था।  जीएचई की स्थापना अक्षय ऊर्जा और सतत ग्रामीण विकास(सस्टेनेबल रूरल डेवलपमेंट) के तहत की गई है।