यहां दलदल में घर बनाकर आराम से रहते हैं लोग

नई दिल्ली (12 फरवरी): हर किसी का सपना होता है उसका अच्छे इलाके में एक अच्छा घर हो। जिसमें आराम की हर सुविधा मौजूद हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोग दलदली जमीन पर घर बनाकर बड़े आराम से रहते हैं। भले ही आपको यह बात अजीब लगे, लेकिन ऐसा ही कुछ इराक बॉडर्र से लगी एक इलाके में हुआ है। जहां लोग दलदली भूमि पर बने घरों में रहते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि ये लोग यहां लगभग 5000 सालों से रह रहें हैं।

दलदली भूमि पर घर बना के रहने वालें लोगों को अरबी भाषा में Ma’ dan कहते हैं। टाइग्रिस एवं यूफरेट्स का दलदली भाग कभी 9,000 वर्ग मील तक फैला हुआ था।

हम आपको बता दें कि इस दलदलि भूमि पर कई जनजातियों ने मिल-जुल कर अपना घर बनाया है। इतना ही नही यह तैरते हुए घरो को ही इन समुदायों की असली पहचान माना जाता। दलदल में बनें इन घरों के निर्माण में बेंतों तथा सौन्ठियों का प्रयोग किया गया है।

सौन्ठियाँ पानी में उगने वाली एक प्रकार की घास होती है जो भारत के पूर्वी भागों में अधिक पायी जाती हैं। चौकाने वाली बात तो यह है कि बिना कीलों तथा लकडियों के प्रयोग से इस घर को बनाने में केवल तीन दिन का समय लगता है।

एक समय में यह एरिया कृषकों एवं गुलामों श्रेय स्थल हुआ करता था। जानकारी के अनुसार सन् 1991 में इराक प्रशासन ने इस जगह को नष्ट करने का आदेश जारी किया। ऐसा इसलिए किया गया चूंकि मार्श अरब विद्रोहियों को छुपने के लिए स्थान दे रहा था।