बजट छपाई के दौरान ऐसे रहते हैं अधिकारी, किसी से मिलने की नहीं होती इजाजत

नई दिल्ली (20 फरवरी): मोदी सरकार ने 2016-17 के बजट की तैयारी पूरी कर ली है। शुक्रवार को वित्तमंत्री अरूण जेटली ने इस साल के बजट के लिए दस्तावेज की छपाई को परंपरागत 'हलवा' समारोह के साथ शुरू किया। इसी के साथ बजट की छपाई का काम शुरू कर दिया।

वित्तमंत्री ने कढ़ाई में हलवा बनने के बाद उसमें कड़छी चलाई। इस दौरान उनके साथ वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा और वित्त सचिव राजस्व सचिव और बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। इस हलवे को मंत्रालय के कर्मचारियों के बीच भी बांटा गया। 

क्या है ये रस्म इस रस्म के तहत बजट की छपाई से पहले वित्तमंत्री कढ़ाई में घी डालते हैं, वित्तमंत्री अपने हाथ से कढ़ाई में हलवे की सामग्री डालते हैं। जिसके बाद हलवाई हलवा बनाता है। हलवा बनने पर इसे कर्मचारियों में बांटा जाता है।

कहां रहते हैं बजट छापने वाले लोग बजट की छपाई की शुरुआत से ही इस काम में लगे कर्मचारियों को मंत्रालय में ही रहने के आदेश मिल जाते हैं। ये कर्मचारी बजट के फाइनल होने तक यहीं रहते हैं। उन्हें अपने परिवार से संपर्क करने की इजाजत नहीं होती। उन्हें फोन या ई-मेल आदि के जरिए किसी भी व्यक्ति से संपर्क करने की अनुमति नहीं होती। 

बजट को गोपनीय रूप से छापने के लिए करीब 100 कर्मचारियों की टीम काम कर रही है। वे 29 फरवरी को बजट पेश होने तक नॉर्थ ब्लॉक में ही 'बंद' रहेंगे।