फरवरी में जन्‍म लेने वाले लोग होते हैं कुछ ऐसे...

नई दिल्ली (23 फरवरी): फरवरी माह में पैदा होने वाले जातकों पर शनि की राशि कुम्भ का असर सर्वाधिक होता है। कुम्भ राशि के स्वामी शनि होते हैं, जिनकी यह दूसरी राशि होती है। यह राशि पुरुष जाति की स्थिर संज्ञक विचित्र वर्ण व त्रिदोष प्रकृति की होती है। प्राकृतिक रूप से यह राशि विचारशील व शांतचित्त वाली है। इस माह जन्मे जातक न्यायप्रिय, गलत का साथ नहीं देने वाले, धार्मिक और हर कार्य में मर्यादित आचरण व शांत और शालीन होते हैं।

हर काम को लीक से हटकर करने में निपुण ऐसे जातक आत्म नियंत्रक होते हैं। शांत चित्त व अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होते है। धीरे-धीरे प्रगति के पथ पर बढ़ते है व अपने कार्य क्षेत्र में एक विशेष मुकाम हासिल करते हैं। घर के बाहर ये असीम प्रसिद्ध हासिल करते हैं पर अपने ही घर व अपने लोग इन्हें इतनी मान्यता नहीं देते हैं। पर ये बात इन्हें अपने लक्ष्य से कभी दूर नहीं करती है। समय-समय पर कुछ ना कुछ ऐसा करते हैं कि सभी आश्चर्यचकित हो जाते हैं। मौलिकता इनका प्रमुख गुण है इस वजह ये लोग हमेशा लीक से हटकर कुछ नया करते है।

लक्ष्य को पाने के प्रति सनकी रवैया आर्थिक मामलों मे ये ज्यादा सम्पन्न नहीं होते हैं पर अपनी जिम्मेदारियों से कुछ अधिक ही अर्जन करते हैं। प्रसिद्ध के अनुसार पैसे वाले नहीं होते। इन्हें अपने लक्ष्य के प्रति सनकी कहा जाए तो भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी क्योंकि इन्हें अपने कार्य के सामने ये निजी या सामाजिक कार्यों का त्याग भी करना पड़े तो ये बिना परवाह के कर गुजरते है। इनकी सबसे बड़ी कमी यह रहती है कि इनमें धैर्य का अभाव रहता है। यदि बात पर वे नियंत्रण कर लें तो उनके कई काम बिना किसी रुकावट के पूरे हो सकते हैं।

सफलता चूमती है कदम दर कदम फरवरी में पैदा होने वाले जातक की कुंडली मे गुरु या शनि विपरीत्त होने पर लीवर, आंत व पैरों में तकलीफ� होती हैं। ऐसे में इन जातकों को देवगुरु व शनि की आराधना करनी चाहिए। फरवरी माह में पैदा होने वाले जातक चूंकि मुस्कान के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा के साथ जीने वाले होते हैं। अत: असफलता इन्हें कम ही देखने को मिलती है क्योंकि अपनी भीतरी शक्ति का ये भरपूर उपयोग करते है जिसके दम पर ये असफलता के दौर को सहजता से पार कर जाते है।

इनकी विचारधारा मौलिक होती है व अपने दम पर अपना नाम रोशन करते हैं। दूसरे लोग इनके बारे में क्या कहते हैं इसकी परवाह तो नहीं करते पर भविष्य में इन बातों का ध्यान जरूर रखते हैं कि उस मुद्दे पर किसी को अनावश्यक टीका-टिप्पणी करने का अवसर ना मिले।