नोटबंदी के बाद ये गरीब अचानक बने करोड़पति, हुआ ऐसा हाल

नई दिल्ली(5 दिसंबर): पीएम मोदी के नोटबंदी के ऐलान के बाद से कालाधन रखने वालों में हड़कंप मच गया। रिपोर्ट के मुताबिक कालाधन रखने वाले गरीबों के जनधन अकाउंट में पैसा डाल रहे हैं। ऐसे में जनधन खातों में अचानक से रकम भी बढ गई। ऐसी ही कहानी है यूपी के एटा में रहने वाले एक शख्स की। तिरपाल सिलने वाले इस शख्स के जनधन अकाउंट में 3.72 करोड़ रुपए जमा होने का मामला सामने आया है। मामला सामने आने के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जांच शुरू कर दी है।

- अरविंद कुमार नाम का शख्स दिल्ली में तिरपाल सिलने का काम करता है। वह एटा का रहने वाला है।

- अरविंद का आईसीआईसीआई बैंक की एटा ब्रांच में जनधन अकाउंट है, जिसका एटीएम भी था।

- काम न मिलने की वजह से अरविंद दिल्ली से वापस एटा लौट आया। इस बीच उसके घर के पते पर दूसरा एटीएम कार्ड पहुंचा।

- अरविंद का कहना है कि उसने दूसरे एटीएम कार्ड के लिए अप्लाई नहीं किया था।

- पुराने एटीएम से पैसे न निकलने पर अरविंद बैंक गया। वहां उसे पता चला कि उसके अकाउंट में 3.72 करोड़ रुपए आ गए हैं।

- अरविंद ने बताया कि वह पहले से ही 4 लाख रुपए का कर्जदार है। जब उसके खाते में 3.5 करोड़ से भी ज्यादा रुपए जमा होने की जानकारी गांववालों और साहूकारों को हुई, वे उस पर कर्जा चुकाने का दवाब बनाने लगे। 

- इसी वजह से वो अंडरग्रांउड हो गया। अरविंद ने आगे बताया कि इस घटना के बाद से गांव में उसकी इज्जत बढ़ गई है।   जनधन खाते में करोड़ों आने से बैंक में मचा हड़कंप

- करीब 4 करोड़ की रकम जनधन खाते में आने से बैंक में हड़कंप मच गया। बैंक ने अकाउंट को फ्रीज कर दिया है।

- आईटी डिपार्टमेंट के अलावा पुलिस भी इस मामले पर नजर रख रही है। डिपार्टमेंट ये जानने की कोशिश कर रहा है कि अरविंद के खाते में इतनी बड़ी रकम कहां से आई।   - देशभर के करीब 25.5 करोड़ जनधन खातों का बैलेंस 9 नवंबर को 45,636.61 करोड़ रुपए था।

- इसके बाद 23 नवंबर को इन खातों का बैलेंस करीब 21 हजार करोड़ रुपए बढ़ गया। अब इन खातों का बैलेंस 65,000 करोड़ से 66,636 करोड़ हो गया है। 

- आईटी डिपार्टमेंट और सीबीडीटी ने कहा कि आरा (बिहार) में एक जनधन अकाउंट में 40 लाख रुपए सीज किए गए।

- अधिकारियों के मुताबिक, 'कोलकाता, मिदनापुर, आरा, कोच्चि, वाराणसी में कई ऐसे अकाउंट हैं, जिन्होंने टैक्सेबल लिमिट से कम होने के चलते कभी रिटर्न फाइल नहीं किया।'

जब आगरा के एक शख्‍स के अकाउंट में आ गए 99.99 करोड़...

- बीते 29 नवंबर को आगरा के संदीप तिवारी के अकाउंट में 99.99 करोड़ रुपए आ गए थे। घटना के बाद से पूरा परिवार घबरा गया।

- वो रुद्रपुर में एक कंपनी में वर्कर है। उन्‍होंने एसबीआई की बिचपुरी शाखा में अपना अकाउंट खुलवाया था।

- वो 24 नवंबर को छुट्टी पर घर आए। 29 की शाम जब वो ट्रांसयमुना कॉलोनी स्थित एसबीआई के एटीएम पहुंचे तो वहां कैश नहीं था। 

- लेकिन जब उन्होंने अपने अकाउंट का बैलेंस चेक किया तो उनके होश उड़ गए। अकाउंट में 99 करोड़ 99 लाख 91 हजार 735 रुपए बैलेंस की स्लिप निकली। 

- उन्‍हें लगा कि ये डिटेल गलत होगी तो वो दूसरे एटीएम गए और वहां बैलेंस चेक किया, लेकिन यहां भी उतनी ही बैलेंस शो हो रहा था।

- संदीप ने घर पहुंचकर पूरी बात परिजनों को बताई तो वे भी घबरा गए। उन्होंने अपने पड़ोसियों इस बारे में बताया। 

- इसके बाद दोबारा वे एसबीआई के एटीएम पर बैलेंस चेक करने गए, लेकिन बैलेंस उतना ही दिखा रहा था। 

- संदीप ने बताया कि उनके खाते में करीब 8 हजार रुपए होने चाहिए थे, लेकिन पता नहीं कैसे इतनी रकम जमा हो गई है। 

- उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है। हम बैंक अफसरों को इसकी जानकारी देंगे।

- 'लेकिन, इन खातों में 1.64 करोड़ रुपए लोगों ने जमा कर दिए, जिसका कोई हिसाब नहीं है। इन खातों की जांच की जा रही है।'

जब टैक्‍सी ड्राइवर के अकाउंट में आ गए 10 हजार करोड़...

- कुछ दिनों पहले पंजाब के बरनाला में एक टैक्सी ड्राइवर के अकाउंट में पहले 9805 करोड़ और फिर 999 करोड़ (कुल 10804 करोड़) रुपए डाल दिए गए थे।

- रोज 500 रुपए कमाने वाला पंजाब के बरनाला का टैक्सी ड्राइवर बलविंदर सिंह मोबाइल पर बैंक बैलेंस का मैसेज पढ़कर इतना परेशान हो गया कि वो सीधे इनकम टैक्स ऑफिस पहुंच गया। 

- उसने अफसरों से कहा- सर, मेरे अकाउंट में अरबों रुपए पता नहीं कहां से आ गए। तुम मुझे जेल मत भेज देना। प्लीज तुम इसकी जांच कराओ। 

- हालांकि, इसके बाद जैसे ही बैंक अफसरों को इस बारे में पता चला, उन्होंने ड्राइवर का अकाउंट ब्लॉक कर नया अकाउंट खोल दिया और नई पासबुक जारी कर दी। 

- बलविंदर ने बताया कि उसके स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के अकाउंट में सिर्फ 2800 रुपए थे, लेकिन जब वो 5 नवंबर को बैंक पहुंचा तो वहां हड़कंप मच गया और उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया।

- बलविंदर हैरान तब रह गया, जब 19 नवंबर को एक दूसरे मैसेज में बैलेंस 999 करोड़ दिखा। इसके बाद वह इनकम टैक्स ऑफिस पहुंचा 

- बाद में पता चला कि अकाउंटेंट से गलती से वाउचर पर अमाउंट की जगह अकाउंट नंबर पड़ गया और ये पूरा मामला हो गया।