NPS: पेंशन अकाउंट जारी रखना हुआ आसान, साल में जमा करने होंगे सिर्फ 1,000 रुपए

नई दिल्ली (15 अगस्त): नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए रेगुलेटर PFRDA ने अकाउंट को एक्टिव रखने के लिए सालाना न्यूनतम योगदान घटाकर 1,000 रुपए कर दिया है।

- इससे पहले सब्सक्राइबर को कम से कम 6,000 रुपए कॉन्ट्रीब्यूट करने पड़ते थे। जिससे कि टियर-1 अकाउंट चलता रहे। - NPS दो टियर्स में बनाया गया है। - टियर-1 अकाउंट नॉन-विड्रॉल पर्मानेंट रिटायरमेंट अकाउंट जिनमें पैसे जमा होते हैं। और सब्सक्राइवर के ऑप्शन के हिसाब से निवेश किए जाते हैं। - टियर-2 स्वैच्छिक विड्रॉल अकाउंट है। - टियर-2 अकाउंट के केस में जो कि एक सेविंग्स अकाउंट है। इसमें रेगुलेटर ने सालाना न्यूनतम कॉन्ट्रीब्यूशन को 250 रुपए किया है और वित्तीय वर्ष के अंत में न्यूनतम बैलेंस 2,000 रुपए निर्धारित किया है।  - सिर्फ एक बार के लिए PFRDA ने सभी मौजूदा अकाउंट्स को अनफ्रीज करने का भी फैसला किया है। जिनमें सब्सक्राइबर न्यूनतम योगदान और बैलेंस जरूरत को पूरा करने में असफल रहा। - उन सभी सब्सक्राइवर्स जिनके अकाउंट्स को फ्रीज़ कर दिया गया था, वे NPS अकाउंट्स में फिर से जमा कर सकते हैं।