घाटी हिंसा में 200 लोगों ने गंवाई आंखें

श्रीनगर (14 जुलाई): कश्मीर घाटी में 6 दिनों से हिंसा जारी है। पत्थरबाज़ी के दौरान भड़की हिंसा में हज़ार से ज़्यादा जवान घायल हैं, वहीं 15 सौ से ज़्यादा प्रदर्शन कर रहे लोगों को भी चोटे आईं है, जिनमें 200 के करीब लोगो की आंखों में पेलेट फायरिंग से गंभीर चोटे लगी हैं। हालात कितने नाजुक हैं उसका अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि आई स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की एक टीम को दिल्ली से श्रीनगर भेजा गया है।

200 लोग हैं जिनकी आंखें आतंक के पत्थरों ने फोड़ दी है। किसी को आंख से दिखाई नहीं दे रहा है, किसी की आंख से पानी गिर रहा है, किसी की आंख में जलन हो रही है। अस्पताल के बिस्तर पर लोग दर्द से कराह रहे हैं। एक तरफ हिंसा बढ़ती जा रही है, दूसरी तरफ अपने पीछे दर्द की तस्वीरें भी छोड़ती जा रही हैं। घाटी में भड़की हिंसा में तीन दर्जन लोग मौत की नींद सो चुके हैं।

इस हिंसा में 1500 लोग घायल हो चुके हैं। 1000 पुलिस और CRPF के जवान चोटिल हैं और 200 लोगों की आंखों में गंभीर चोट लगी है। हर रोज़ हिंसा में दर्जनों लोग घायल हो कर अस्पताल पहुंच रहे हैं। मेडिकल इमरजेंसी डिक्लियर कर डॉक्टरों की छुट्टी रद्द कर दी गयी है और कहा जा रहा है कि अब दिल्ली से स्पेशल डॉक्टरों की टीम श्रीनगर आकर चोटिल मरीजों का इलाज करेगी।   क्‍या है पेलट गन: - पेलट गन से एक साथ कई छर्रे निकलते हैं जो शरीर के कई जगहों को घायल कर देते हैं - पेलट गन से घायल लोगों को इलाज के दौरान बुरी हालत से गुज़रना पड़ता है - इससे आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है