हमने सत्ता के लिए सरकार नहीं बनाई थी: महबूबा मुफ्ती

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 जून): जम्‍मू-कश्‍मीर में भारतीय जनता पार्टी और पीपुल्‍स डेमोक्रेटिक पार्टी का तीन साल पुराना गठबंधन आखिरकार टूट गया है। भाजपा ने महबूबा मुफ्ती सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। 

भाजपा जम्‍मू-कश्‍मीर प्रभारी राम माधव ने इस बात की जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि हमने सबकी सहमति से आज यह निर्णय लिया है कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा अपनी भागीदारी को वापस लेगी। 87 सीटों वाली जम्‍मू-कश्‍मीर विधानसभा में भाजपा के पास 25 सीट और पीडीपी के पास 28 सीटें हैं। महबूबा मुफ्ती ने अपना इस्‍तीफा राज्‍यपाल नरेंद्र नाथ वोहरा को सौंप दिया है।

सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मुफ्ती साहब ने बड़े विजन के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन किया था। उन्होंने कहा, 'मैं बीजेपी के इस फैसले से अचंभित नहीं हूं। हमने पावर के लिए गठबंधन नहीं किया था। इस गठबंधन के कई बड़े मकसद थे। सीजफायर, पीएम का पाकिस्तान दौरा, 11 हजार युवाओं के खिलाफ केस वापस हुए।' इस दौरान मुफ्ती ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और उन्हें बताया है कि हम किसी गठबंधन की तरफ नहीं बढ़ रहे हैं।

मुफ्ती ने कहा कि दोनों पार्टियों को एकसाथ काम करने के लिए माहौल बनाने में काफी समय लगा। इस गठबंधन को बड़े मकसद के साथ किया गया था। पीएम को देश भर में भारी समर्थन मिला था, ऐसे में यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए भी फायदेमंद हो सकता था। उन्होंने कहा, 'एक बात तो साफ है कि जम्मू-कश्मीर में सख्ती की नीति नहीं चल सकती है। यह समझना होगा कि जम्मू-कश्मीर दुश्मनों का क्षेत्र नहीं है। हमने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को साथ रखने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, 'मुफ्ती साहब ने जिस मकसद के साथ गठबंधन किया था, वह पूरा हुआ। हमारी सरकारी ने सीजफायर रुकवाया, पीएम का पाकिस्तान जाना, धारा 370 के साथ छेड़छाड़ नहीं होने देना, पत्थरबाजी के आरोप वाले 11 हजार युवाओं के केस वापस कराए गए। हमने सत्ता के लिए सरकार नहीं बनाई थी। हमने अपना अजेंडा को पूरा किया है।' उन्होंने कहा कि बीजेपी के आने से जम्मू इलाके में रहने वाले मुसलमान असहज हुए हैं।