PDP से अलग होने के पीछे BJP ने गिनाए ये कारण

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 जून): तीन साल तक पीडीपी को बहूमत देने के बाद अचानक से बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा कर ली है। प्रेस कांफ्रेंस करते हुए मीडिया को संबोधित करने वाले बीजेपी महासचिव राम माधव ने खुलकर इस बात की घोषणा भी कर दी कि प्रदेश में महबूबा सरकार काम करने में नाकाम रही।अब यह पूरी तरह से साफ हो गया है कि पीडीपी में सरकार के गिरने के बाद राज्यपाल शासन लग जाएगा, जिसके बाद बीजेपी के हाथ में प्रदेश पूरी तरह से होगा। इस‍के पीछे घाटी में बढ़ती आतंकवाद की घटनाओं को भी बताया जा रहा है।बीजेपी प्रवक्ता राममाधव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, 'पीडीपी के इरादों पर सवाल नहीं है, लेकिन राज्य सरकार विफल रही है। जम्मू और लद्दाख के विकास में बीजेपी के मंत्रियों को अड़चने आती रहीं। कई विभागों में काम के लिहाज से जम्मू और लद्दाख की जनता के साथ भेदभाव जनता महसूस करती रही।'उन्होंने कहा, ' देश की अखंडता और सुरक्षा के व्यापक हितों को देखते हुए, कश्मीर को देश का अखंड हिस्सा मानते हुए बीजेपी ने यह निर्णय लिया है और राज्य में गवर्नर का शासन लाकर परिस्थिति में सुधार पर विचार किया है।'गौरतलब है कि तीन साल पहले यह सरकार बनी थी, उस समय खंडित जनादेश था। जम्मू इलाके में बीजेपी तो कश्मीर घाटी में ज्यादातर सीटें पीडीपी को मिली थीं। चार महीने की कवायद के बाद दोनों दलों ने एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाकर सरकार बनाया था।किसको मिली थी कितनी सीटेंपीडीपी 28बीजेपी 25एनसी 15कांग्रेस 12अन्य 7