सैनिकों को अपने पैसे से खरीदनी पड़ सकती है अपनी वर्दी

नई दिल्ली ( 4 मई ): भारतीय सेना ने सरकारी ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों से अपनी खरीदारी में कटौती करने का फैसला किया है। अग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा फैसला ये सुनिश्चित करने के लिए किया गया है ताकि लड़ाई की फौरी जरूरत पड़ने पर गोलाबारूद खरीदने के लिए पैसा बचाया जा सकेआर्मी को ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों से होने वाली सप्लाई को 94 फीसदी से कम करके 50 फीसदी किए जाने का प्रस्ताव है, क्योंकि गोलाबारूद की आपातकालीन ज़रूरतों के लिए केंद्र सरकार ने सेना को अतिरिक्त बजट नहीं मुहैया कराया है।रिपोर्ट के मुताबिक इस कदम से सेना के जवानों को अपनी वर्दी भी अपने ही पैसे से खरीदनी पड़ सकती है।