खुलासा: RJD की रैली की रात रची गई थी रेल हादसे की बड़ी साजिश

पटना(31 अगस्त): 28 अगस्त की रात यानी राजद की रैली के बाद रात में एक बड़े रेल हादसे की साजिश रची गई थी। रेल पटरियों पर डिरेलमेंट का सामान रखकर ट्रेन को डिरेल कराने की तैयारी थी। इसी बीच पटरियों के पास निरीक्षण कर रहे बंकाघाट के स्टेशन अधीक्षक और एक आरपीएफ जवान कुमार गौरव की नजर डिरेलमेंट के जखीरे पर पड़ी और बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो गया।

- जब यह मामला पकड़ में आया उसके कुछ ही देर बाद पटरियों पर से गरीब रथ और इस्लामपुर हटिया गुजरने वाली थी। साजिश रचने वाले बदमाशों से पूछताछ के बाद रेल सुरक्षा बल ने पटना जंक्शन रेलवे कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद मंगलवार को पांच बदमाशों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

- आरपीएफ की जांच में यह बात सामने आई कि सुनियोजित साजिश के तहत ट्रेन के डिरेलमेंट की तैयारी की गई थी। मौके पर मौजूद बदमाश डिरेल होती ट्रेन को लाइव देखना चाहते थे। ट्रैक पर 11 मीटर लंबी रेल पटरी रखकर वे आसपास मौजूद थे। लेकिन इसी बीच रेल सुरक्षा बल के एक जवान की नजर रेल की पटरियों पर पड़ी और एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया।

- रैली के दिन डिरेलमेंट की कोशिश की जानकारी मिलने के बाद रेल मंडल में हड़कंप मच गया और मौके पर राजेन्द्रनगर के आरपीएफ इंस्पेक्टर आर आर कश्यप, फतुहा रेल थाना प्रभारी ज्ञानेश कुमार झा और एक अन्य अफसर को भेजा गया। अफसरों ने पाया कि सौ की संख्या में मौके पर लोग मौजूद थे। आरपीएफ ने मौके से लोगों को खदेड़ा और पांच बदमाश पकड़ में आ गए। आनन-फानन में पटरी पर रखे गए 11 मीटर लंबा पटरी के टुकड़े को हटाकर रेल परिचालन शुरू कराया।