इस 'लेडी डॉन' पर फिदा था जमाना, सच्चाई जानकर पुलिस भी हैरान

नई दिल्ली(24 सितंबर): पटना की सड़कों पर इस 'खूबसूरत बला' को अक्सर देखा जाता था। साड़ी पहन व लिपस्टिक लगा अदा से ठुमकती इस आफत को देख किसी ने उस हकीकत की कल्पना तक नहीं की थी, जो सामने आई है। दरअसल, वह वेष बदलकर 'मोनिका' नाम से अपराध के कई रैकेट चलाने वाला शातिर अविनाश कुमार उर्फ गोल्डी निकला।

- पटना के महेंद्रू के रानीघाट स्थित उसके ऑफिस में छापेमारी कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो हकीकत सामने आई। गिरफ्तारी के समय भी वह मोनिका बना हुआ था। वह शहर में शराब की सप्लाई करता था। फर्जी आइडी, आधार कार्ड व सर्टिफिकेट भी बनाता था।

- फेसबुक पर उसने 'मोनिका कुमारी' के नाम से प्रोफाइल बना रखा है। उसके मोबाइल से समलैंगिक अश्लील वीडियो भी मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि वह सेक्स रैकेट में भी संलिप्त है।

- एसएसपी मनु महाराज ने शनिवार को बताया कि अविनाश कुमार उर्फ गोल्डी उर्फ मोनिका को जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वह महिला का रूप धरकर लोगों से फर्जीवाड़ा करता था। उसके कई धंधे थे।

- एसएसपी ने बताया कि वह स्कैनिंग कर मैट्रिक और इंटरमीडिएट के फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करता था। वह फर्जी वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी बनाता था। उसके पास विभिन्न संस्थानों एवं पदाधिकारियों के मुहर भी मिले। उसके घर से पुलिस ने पांच खाली और पांच पैक शराब की बोतलें बरामद की हैं।

- अविनाश के तीन भाई हैं। तीनों की शादी नहीं हुई हैं। पूछताछ में मालूम हुआ कि तीन साल पहले वह कुछ माह के लिए गायब हो गया था। जब वापस आया तो लड़कियों की तरह जिंस-टॉप में था। उसका बदला हुलिया देखकर अविनाश के भाई भी उसे नहीं पहचान सके।

- इसके बाद से ही वह लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए साड़ी और सलवार-सूट पहनकर रहने लगा। आसपास के लोगों को भी लगा कि अविनाश के घर में कोई महिला रहती है।

- गोल्डी की मानें तो वह लगभग पांच साल पहले तिरुपति बालाजी गया था, वहां उसने देखा कि लड़के महिलाओं के वेश में पूजा कर रहे थे। उनका एक अलग समाज है। वह इसी से प्रभावित हुआ और इस तरह की हरकत करने लगा।