बिहार: ये शख्स नक्सिलयों से लेकर अपराधियों को सप्लाई करता था एके-47

न्यूज 24 ब्यूरो, सौरव कुमार, पटना (9 अक्टूबर): बिहार पुलिस ने एके 47 मामले में मंजी उर्फ़ मंजर आलम नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि मंजर आलम को एके-47 की तस्करी में मुख्य आरोपी माना जा रहा था। खबर के मुताबिक मंजर पटना में सरेंडर करने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले पटना पुलिस ने मंजर आलम को गिरफ्तार कर किया और उसके पास से एक पिस्टल भी बरामद की है।

मंजर आलम की तलाश पुलिस को काफी समय से थी और वो इन हथियारों की तस्करी का मुख्य किरदार माना जा रहा है। पटना पुलिस के एसएसपी ने बताया कि मंजर ने ही इन खतरनाक हथियारों को कई लोगों को बेचा था। AK-47 मामले के अलावा मंजर पटना में भी हथियार तस्करी के मामले में फरार था। मंजर एके 47 बिहार और झरखंड सहित अन्य राज्यों में बेचने का काम करता है।आपको बता दें कि मुंगेर में लगातार एके-47 की बरामदगी के बाद यह खबर आग की तरह फैल गई थी कि इतनी भारी मात्रा में एके-47 आखिर मुंगेर उगल कैसे रहा है। मुंगेर एसपी ने एके-47 की बरामदगी के लिए हर जगह छापेमारी की। जमीन खोदने से लेकर नदी नालों तक को सर्च किया गया, जहां पर भारी मात्रा में इस तरह के हथियार बरामद हुए।कैसे हुआ खुलासा ?जब 29 अगस्त को जमालपुर रेलवे स्टेशन के बाहर मोहम्मद इमरान को संदिग्ध अवस्था में दो बाइक सवार जवानों ने पकड़ा तब तक कतई ये अंदेशा नहीं था कि ये मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो जाएगा। इमरान के सूटकेस से तीन एके-47 मिले और उसके बाद मामला परत दर परत उजागर हुआ तो जांच एजेंसियों के होश उड़ गए। जबलपुर डिपो से 2012 से 2018 के बीच 100 से ज्यादा एके 47 रायफल गायब किए गए। इसमें वहां से रिटायर पुरुषोत्तम रजक और ऑर्डनेंस डिपो के सिविल कर्मचारी सुरेश ठाकुर की मिलीभगत ने अहम भूमिका निभाई। पुरुषोत्तम अपनी पत्नी चंद्रावती के साथ एके-47 जमालपुर स्टेशन लाता था और यहां से मुंगेर सिंडिकेट उसे रिसीव करता था। जबलपुर पुलिस पुरुषोत्तम, चंद्रावती और सुरेश को गिरफ्तार कर चुकी है।मुंगेर से इमरान की निशानदेही के बाद शमसेर के पास से तीन एके 47 मिली। मामले की संवेदनशीलता तब सामने आई जब शमसेर के भाई और भारतीय सेना के जवान रियाजुल की भूमिका भी इसमें सामने आई और उसे बागडोगरा कैंप से गिरफ्तार किया गया।