नीतीश-बीजेपी सरकार को हाईकोर्ट में चुनौती

पटना (27 जुलाई): बिहार में आज गठित नीतीश-बीजेपी सरकार का मामला पटना हाईकोर्ट में पहुंच गया है। बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद आरजेडी को सरकार गठन का मौका नहीं दिए जाने के लेकर पटना हाईकोर्ट में आज दो अलग-अलग जनहित याचिका दायर की गई। सरकार बनाने को लेकर राज्यपाल के फैसले पर हैरानी जताते हुए राष्ट्रीय जनता दल के विधायक सरोज यादव और अन्य तथा नौबतपुर के समाजवादी नेता जितेंद्र कुमार की तरफ से अलग-अलग जनहित याचिका दायर की है। जनहित याचिका में कहा गया है कि सबसे ज्यादा विधायकों वाली पार्टी आरजेडी को पहले सरकार बनाने का न्योता दिया जाना चाहिए था, जबकि राज्यपाल ने नीतीश कुमार को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन किया है।

याचिका में कई मामलों का हवाला देते हुए इसका विवरण दिया गया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने बताया कि इस मामले में अदालत से हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। नीतीश कुमार को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना संविधान का उल्लंघन है। उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होकर गुरुवार को बीजेपी के साथ नई सरकार बनाई है।

इससे पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने गुरुवार को कहा था कि वह कानून विशेषज्ञों की राय ले रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं, क्योंकि बिहार में सरकार के गठन के लिए नीतीश कुमार को आमंत्रित करने में एसआर बोम्मई दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया गया है। लालू प्रसाद ने कहा, एस.आर.बोम्मई दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से कहता है कि सरकार के गठन के लिए सबसे बड़ी पार्टी को बुलाया जाना चाहिए। बहुमत सदन के पटल पर साबित करना होता है। राजद को बुलाया जाना चाहिए था। हमने सर्वोच्च न्यायालय के वकील राम जेठमलानी से राय मांगी है। उन्होंने कहा, राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को बुधवार को पटना बुलाए जाने के पीछे हमें षड्यंत्र होने का शक है।