पटना में बर्ड फ्लू की दस्तक, छह मोर की मौत के बाद चिड़ियाघर बंद


अमिताभ ओझा, पटना (25 दिसंबर): बिहार के पटना में बर्ड फ्लू की एंट्री हो गई है। बर्ड फ्लू ने पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में भी पैर पसार लिए हैं। पटना जू में अचानक मोर की मौत हो गई। मृत मोर की जांच में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई। H5N1 वायरस ही बर्ड फ्लू होता है। इसके बाद प्रशासन ने एहतियातन के तौर पर अगले आदेश तक के लिए पटना जू को बंद कर दिया है।



मोर की मौत पर वन विभाग के अधिकारी पटना जू पहुंचे। अधिकारियों ने ज़ू में किसी के भी आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी बर्ड की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद जब क्लियरेंस मिल जाएगा तभी ज़ू को फिर से खोला जाएगा। मृत मोर की जांच मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान ने की थी। जांच में मृत मोर में H5N1 वायरस पाया गया। अभी तक पटना जू में 6 मोरों की मौत हो चुकी है।




पटना जू प्रशासन द्वारा जू गेट पर मंगलवार को एक नोटिस लगाई गई है जिसमे H5N1 वायरस के कारण अनिश्चित कालीन बंद करने की सूचना दी गई है। पटना जू को पहली बार वायरस के कारण अनिश्चित काल के लिए बन्द किया गया है। ऐसा लोगों की सुरक्षा को देखते हुए किया गया है। अभी जू में रहने वाले सभी पक्षियों की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद जब क्लियरेंस मिल जाएगा तो ज़ू को फिर से खोल दिया जाएगा, हालांकि जू के बंद होने से आम दर्शको में काफी निराशा है क्योंकि पटना में नए साल के जश्न मनाने के लिए काफी संख्या में दर्शक जू में आते थे।


 

क्या है बर्ड फ्लू



एवियन इन्फ्लूएंजा यानी H5N1 वायरस को बर्ड फ्लू के नाम से जाना जाता है। इस खतरनाक वायरस का संक्रमण आदमी और पक्षियों को सर्वाधिक प्रभावित करता है। बर्ड फ्लू इंफेक्शन चिकन, टर्की, गीस और बत्तख की प्रजाति जैसे पक्षियों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। इससे इंसान और पक्षियों की मौत तक हो सकती है।



ये है लक्षण-
बुखार, सिर में दर्द रहना, हमेशा कफ रहना, नाक बहना, दस्त होना, हर समय उल्‍टी जैसा लगना, गले में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना, सांस में समस्या, आंख में कंजंक्टिवाइटिस आदि।