पठानकोट एयरबेस हमलाः 20-20 रुपये की घूस लेकर एंट्री देते थे गार्ड

नई दिल्ली (13 जनवरी): पठानकोट हमले के दोषियों पर कार्रवाई के भारतीय प्रयास रंग लाते दिखायी दे रहे हैं। पाकिस्तान ने आतंकी आकाओँ को गिरफ्तार करने और कोर्ट से उन्हें सजा दिलाने के लिए उनके वॉयस सेम्पल और फिंगर प्रिंट देने का आग्रह किया है।

इसके अलावा पाकिस्तानी मीडिया में पहली बार पठानकोट के हमलावरों को 'आर्म्ड मिलिटेंट' शब्द का इस्तेमाल किया गया है। इससे पहले पाकिस्तानी मीडिया हमेशा 'सस्पेक्टेड गनमेन' शब्द इस्तेमाल करता था। बहरहाल, पठानकोट में जांच एजेंसियों को हर दिन एक नयी जानकारी हासिल हो रह है। पता चला है कि पठानकोट एयरबेस के रिजर्ब्ड फील्ड में कुछ लोग अपने मवेशी चराने ले जाते थे।

रिजर्ब्ड फील्ड की सुरक्षा में लगे गार्ड महज बीस से पचास रुपये की घूस लेकर चरवाहों को रिजर्ब्ड फील्ड में घुसा लेते थे। जांच एजेंसियों को शक है कि आतंकियों ने संभवतः इसी तरह एयरबेस में एंट्री की और भारी मात्रा में गोली-बारूद भी ले गये। जांच एजेंसियों ने घूस लेकर चरवाहों को एयरबेस के अंदर भेजने वाले गार्डों की पहचान करली है। इसके अलावा सरकार एयरबेस के आसपास रहने वाले गुर्जर समुदाय के लोगों का भौतिक सत्यापन और उनसे जुडी जानकारियों की सूची बना रही है।