पठानकोट हमले में शहीदों का होगा अंतिम संस्कार, गांव में गम का माहौल

नई दिल्ली(3 जनवरी): पठानकोट हमले में शहीद हुए जवानों का आज अंतिम संस्कार होगा। शहीद हुए तीन जवानों में से दो जवान गुरदासपुर के थे। जिन्होंने डिफैंस फोर्स कोर के तहत दोबारा से नौकरी ज्वाइन की थी। जवानों के शहीद होने की खबर के बाद पूरा परिवार सदमें में है। वहीं पूरा देश शहीदों की शहादत को सलाम कर रहा है।

गुरदासपुर के गांव चक्क शरीफ के रहनेवाले हवलदार कुलवंत सिंह के घरवालों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। देश के सरहदों की हिफाजत के लिए पहले कुलवंत सिंह ने फौज ज्वाइन किया। उसके बाद देश सेवा का जज्बा उन्हें दोबारा डिफेंस सिक्यूरिटी कॉप्स में ले गया। कुछ दिनों पहले ही कुलवंत सिंह की पोस्टिंग एयरफोर्स स्टेशन पठानकोट पर हुई थी। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पठानकोट के रक्षकों की शहादत को सलाम किया। गुरदासपुर के झंडा लुबाना गांव के फौज से रिटायर हुए ऑनररी कैप्टन फतेह सिंह भी गुरदासपुर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। पूरी जिंदगी देश की सरहदों की हिफाजत करनेवाले फतेह सिंह की शहादत की खबर सुनते ही घरवालों की आंखों से आंसू सूख गए।

फौज से रिटायर होने के बाद फतेह सिंह ने डिफेन्य सिक्यूरिटी कॉर्प्स ज्वाइन किया था। उनका निशाना अचूक था । फतेह सिंह शूटिंग में चैंपियन थे और उन्हें सेना मेडल से भी सम्मानित किया गया था।  फतेह सिंह का बेटा भी फौज में है। हाल ही में बड़े अरमान के साथ उन्होंने गांव में एक घर बनवाया था।लेकिन, किस्मत ऐसी की अपने बनावाए घर में रहने से पहले ही वतन के लिए शहीद हो गए।