पठानकोट हमला: अफजल गुरु को दी गई फांसी का बदला लेने आए थे आतंकी!

नई दिल्ली(3 जनवरी): पठानकोट में एयर फोर्स स्टेशन पर हमला करनेवाले आतंकी अफजल गुरु का बदला लेने आए थे। ये खुलासा किया है राजेश वर्मा ने। आतंकियों ने एक तारीख को राजेश के अपहरण की कोशिश की थी। लेकिन उनपर हमला करने के बाद उन्हें कार से नीचे फेंक दिया था। अस्पताल में भर्ती राजेश के मुताबिक आतंकी उन्हे पीटते वक्त अफजल गुरु का नाम ले रहे थे।

बताया जाता है कि सीमापार से आए ये सभी आतंकी अपने साथी अफजल गुरू को फांसी दिए जाने से गुस्से में थे। संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को 2013 में फांसी पर लटका दिया गया था लेकिन आतंकी इस फैसले से खफा थे। राजेश वर्मा एसपी सलविंदर सिंह के दोस्त हैं। शुक्रवार की सुबह आतंकियों ने सबसे पहले एसपी और इन्हे ही अगवा करने की कोशिश की थी। जब ये अपनी गाड़ी से पठानकोट से गुरदासपुर जा रहे थे। राजेश के मुताबिक आतंकी उन्हे पीटते वक्त बार बार ये कह रहे थे कि वे अपने साथी अफजल गुरू को फांसी पर लटकाए जाने का बदला लेने के लिए एयरफोर्स स्टेशन पर हमला करने के लिए जा रहे हैं। 

कौन था अफजल गुरु?

13 दिसम्बर 2001 को जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैय्यबा आतंकवादी गुटों के 5 आतंकवादियों ने संसद पर आतंकी हमला कर दिया था। इसी हमले का मास्टरमाइंड था मोहम्मद अफज़ल गुरु । जिसे 2013  में फांस दे दी गई थी।

पठानकोट में हमला करनेवाले दहशतगर्द इसी आतंकी को फांसी दिए जाने से गुस्से में थे। वो इसी का बदला लेने आए थे...लेकिन लेकिन भारतीय जवानों की मुश्तैदी ने उनकी उनकी साजिश को नाकाम कर दिया। 17 घंटे की कार्रवाई के बाद सभी दहशतगर्दों को मार गिराया गया।